मुरैना , मई 21 -- राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश और राजस्थान सरकार को एक बार फिर कड़ी फटकार लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को तलब किया है।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने मध्यप्रदेश सरकार से पूछा कि अभयारण्य क्षेत्र में बिना नंबर प्लेट वाले वाहन किस प्रकार संचालित हो रहे हैं। कोर्ट ने ऐसे वाहनों की पहचान कर जब्ती की कार्रवाई करने तथा मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्य के परिवहन और सड़क सुरक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से तलब करते हुए यह जानकारी मांगी है कि नियमों का उल्लंघन करने और अवैध खनन को बढ़ावा देने वाले अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।

न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों के पालन और दोषियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विस्तृत शपथ पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल प्राथमिकी दर्ज करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि अवैध खनन के वास्तविक मास्टरमाइंड और खनन के मुख्य स्रोत तक पहुंचकर उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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