नयी दिल्ली , मई 09 -- राष्ट्रीय आधुनिक कला दीर्घा (एनजीएमए) ने संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत रवीन्द्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को विशेष नाट्य प्रस्तुति "गुरुदेवाय - द राइजिंग सन थ्रू द आइज़ ऑफ भानु" का सफल आयोजन किया।

एनजीएमए की विज्ञप्ति के अनुसार यह सांस्कृतिक संध्या गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की कालजयी सोच, दर्शन और भारतीय साहित्य, संस्कृति एवं कला में उनके अतुलनीय योगदान को समर्पित थी । थिएटर, संगीत, कहानी कहने की कला और प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम ने दर्शकों को एक भावनात्मक एवं कलात्मक अनुभव प्रदान किया। इस अवसर पर कला, संस्कृति, रंगमंच, फैशन और प्रशासन से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।

एनजीएमए के महानिदेशक डॉ. संजीव किशोर गौतम ने कहा, "रवीन्द्रनाथ टैगोर की विरासत पीढ़ियों से आगे बढ़कर आज भी भारत की सांस्कृतिक और कलात्मक चेतना को प्रेरित करती है। 'गुरुदेवाय' के माध्यम से हमारा प्रयास था कि हम गुरुदेव की साहित्यिक प्रतिभा के साथ-साथ उनकी संवेदनशील और दार्शनिक दृष्टि को भी दर्शकों तक पहुंचा सकें।" कार्यक्रम में संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव विवेक अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

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