पुणे , जुलाई 27 -- रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) ने सोमवार को पुणे में एक विशाल जुलूस निकाला और मांग की कि अनुसूचित जाति वर्ग के भीतर कोई भी उप-वर्गीकरण राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना के बाद सटीक जनसंख्या आंकड़ों के आधार पर ही लागू किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी कार्यालय के पास डॉक्टर बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा से आयोजित इस जुलूस में पुणे शहर, पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे जिले के पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और 59 समुदायों के सदस्यों ने भाग लिया। भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों ने बौद्ध समुदाय और अन्य अनुसूचित जाति समुदायों के बीच एकता पर जोर देते हुए नारे लगाये। पार्टी ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के भीतर 59 समुदायों के बीच सामाजिक एकता को बनाये रखा जाना चाहिए और उप-वर्गीकरण पर जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।
पार्टी के नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय जाति जनगणना के माध्यम से पहले प्रत्येक समुदाय के सटीक जनसंख्या आंकड़े स्थापित किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके बाद ही उप-वर्गीकरण और आरक्षण पर निष्पक्ष निर्णय लिया जाना चाहिए।
पार्टी ने मांग की कि 2027 की जनगणना के बाद विभिन्न समुदायों की जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण संरचना की समीक्षा की जाये। पार्टी ने जोर दिया कि सभी समुदायों को शिक्षा और सरकारी रोजगार में समान अवसर मिलने चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि 59 समुदायों की जनसंख्या के सटीक आंकड़ों के बिना उप-वर्गीकरण लागू करने से नाराजगी पैदा हो सकती है और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।
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