नयी दिल्ली , जून 10 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में सेवा करने पर उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सेवा, समावेश और राष्ट्रीय विकास के प्रति प्रधानमंत्री की अडिग प्रतिबद्धता देश को उसकी आकांक्षाओं की पूर्ति की ओर ले जाएगी।
प्रधानमंत्री के रूप में देश की सेवा में समर्पित 4,399 दिन पूरे होने पर राष्ट्रपति ने श्री मोदी को एक पत्र लिखकर उनकी सराहना की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सार्वजनिक जीवन में भारत के प्रधानमंत्री पद जैसी जिम्मेदारी के लिए बहुत अधिक निष्ठा, लचीलेपन और दृढ़ता की आवश्यकता होती है। यह उपलब्धि केवल इस पद पर सबसे लंबी अवधि बने रहने का मामला नहीं है, बल्कि यह लगातार चुनावों में उनकी अगुवाई पर भारत की जनता द्वारा जताये गये अटूट विश्वास का प्रमाण है।
राष्ट्रपति ने कहा, "हमारे जैसे विशाल, विविध और जीवंत देश में, जनता का विश्वास किसी भी नागरिक को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान है। आपके प्रति यह विश्वास बीते वर्षों में बार-बार दोहराया गया है, जो हमारे गणराज्य की लोकतांत्रिक यात्रा के एक गौरवशाली अध्याय को दर्शाता है।"श्रीमती मुर्मू ने पत्र में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में हुए महत्वपूर्ण बदलावों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय समावेशन के प्रयासों से करोड़ों लोग आर्थिक व्यवस्था से जुड़े हैं, जिनमें महिला लाभार्थियों की बड़ी संख्या होना बेहद सुखद है। आज देश की नारी शक्ति विकास यात्रा में समान भागीदारी निभाने के साथ-साथ इसका नेतृत्व भी कर रही है। उन्होंने शासन को पारदर्शी, कुशल और जवाबदेह बनाने के लिए तकनीक के उपयोग की भी सराहना की, जिससे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक अधिक गति से पहुँच रहा है।
राष्ट्रपति ने विशेष रूप से 'पीएम-जनमन' योजना की सराहना करते हुए कहा कि कतार के अंतिम व्यक्ति के उत्थान यानी 'अंत्योदय के आदर्श' और कमजोर जनजातीय समूहों के प्रति प्रधानमंत्री की करुणा ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया है। इसके साथ ही उन्होंने देश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों जैसे पिछड़े क्षेत्रों के विकास पर विशेष ध्यान दिए जाने को शासन की भावना का प्रतीक बताया।
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