बैतूल , जून 17 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के गुरुवार को प्रस्तावित बैतूल दौरे से पहले लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने शहर की प्रमुख सीसी सड़क पर बने 16 अवैध और मानकविहीन स्पीड ब्रेकरों को हटाने की कार्रवाई की है। विभाग की इस कार्रवाई से लंबे समय से इन स्पीड ब्रेकरों से परेशान वाहन चालकों और स्थानीय नागरिकों को राहत मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सोनाघाटी वन विभाग बैरियर से हमलापुर के आगे तक करीब छह किलोमीटर लंबी सीसी सड़क पर वर्षों से कई स्थानों पर ऊंचे स्पीड ब्रेकर बने हुए थे। स्थानीय लोगों का आरोप था कि इन स्पीड ब्रेकरों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई बार अचानक सामने आने वाले इन अवरोधकों के कारण दुर्घटनाएं भी हुईं।
भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) के मानकों के अनुसार किसी भी स्पीड ब्रेकर की ऊंचाई 10 सेंटीमीटर और चौड़ाई 3.7 मीटर निर्धारित है। इसके अलावा स्पीड ब्रेकर पर 'रिफ्लेक्टिव' पेंट और उससे पहले चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाना अनिवार्य माना गया है। लेकिन संबंधित मार्ग पर बने अधिकांश स्पीड ब्रेकर इन मानकों से कहीं अधिक ऊंचे थे। कई स्थानों पर उनकी ऊंचाई 15 सेंटीमीटर से भी अधिक बताई जा रही है। साथ ही उन पर न तो रिफ्लेक्टिव मार्किंग की गई थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे।
पीडब्ल्यूडी के उप संभागीय अधिकारी डी.एस. परमार ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर वीआईपी वाहनों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए इन स्पीड ब्रेकरों को हटाया गया है। विभाग ने रातभर अभियान चलाकर सड़क को समतल किया, जिससे अब मार्ग पर यातायात सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।
स्पीड ब्रेकर हटाए जाने के बाद हालांकि एक नई चिंता भी सामने आई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पूरी तरह समतल होने से वाहन तेज गति से दौड़ने लगे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा के लिए आईआरसी मानकों के अनुरूप स्पीड कैलमिंग उपाय किए जाएं और आवश्यक स्थानों पर संकेतक, रोड मार्किंग तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि अवैध और खतरनाक स्पीड ब्रेकर हटाना आवश्यक था, लेकिन सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए वैज्ञानिक एवं मानक आधारित व्यवस्थाएं भी उतनी ही जरूरी हैं।
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