देहरादून , जून 17 -- उत्तराखंड में गरीबी रेखा से ऊपर (एपीएल) राज्य खाद्य योजना और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द ही संशोधित की जाएगी। इस बारे में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया है।
श्रीमती आर्या ने कहा कि विभिन्न राशन कार्ड बनाने के लिए न्यूनतम आय के जो मानक हैं, वे काफी पुराने हो चुके हैं और इसके कारण लोगों को कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसमें संशोधन के लिए एक समिति बनाकर समीक्षा की जाए और सभी जिला पूर्ति अधिकारियों के भी सुझाव शामिल किये जाएं।
बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री ने बताया कि राशन विक्रेताओं का नवंबर माह से जो लाभांश बकाया है, वह एक सप्ताह के भीतर जारी कर दिया जाएगा क्योंकि हाल ही में केंद्र सरकार से 39 करोड़ रुपए का बजट प्राप्त हुआ है।
बैठक में शामिल राशन विक्रेता संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य खाद्य योजना के तहत लाभांश 50 रुपए से बढ़ाकर 180 करने की मांग उठाई। इस पर मंत्री ने कहा कि इस बारे में कैबिनेट में जल्द ही प्रस्ताव लाया जाएगा। राशन विक्रेताओं की मांग पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन करके मैन्युअल रजिस्टर मेंटेन करने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया जाए।
श्रीमती आर्या ने बताया कि राशन कार्ड बनाने के लिए अब एक नए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है और इसमें कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी ना हो, इसके लिए जल्द ही सभी जिला पूर्ति अधिकारियों और निरीक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रशिक्षण के लिए केंद्र से दो ट्रेनर बुलाए गए हैं। उन्होंने बताया कि चार धाम यात्रा को देखते हुए सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अगले तीन माह का राशन जल्द से जल्द दुकानों तक पहुंचा दें जिससे कि राशन वितरण में देरी न हो।
एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा करने के बाद मंत्री ने बताया कि प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति अब पूरी तरह से नियमित है और कहीं से भी गैस की कमी की शिकायत नहीं है।
बैठक में विभागीय सचिव एवं फैनई, खाद्य आयुक्त बंसी लाल राणा, अपर आयुक्त पीएस जंगपांगी, राशन विक्रेता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी शामिल हुए।
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