अमृतसर , जुलाई 15 -- पंजाब में अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह औजला ने बुधवार को भारत-पाकिस्तान सीमा से सटे राजासांसी क्षेत्र के कक्कड़ गांव का दौरा कर रावी नदी के लगातार बढ़ते कटाव से उत्पन्न गंभीर स्थिति का जायजा लिया।
इस दौरान उन्होंने सीमा सुरक्षाबल (बीएसएफ) अधिकारियों से भी मुलाकात कर मौके की स्थिति की जानकारी ली।
श्री औजला ने कहा कि रावी नदी के कटाव से अब तक सैकड़ों एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है और अब बीएसएफ की सुरक्षा चौकियां एवं रक्षा पंक्ति भी खतरे की जद में आ गयी हैं। उन्होंने बताया कि पहले नदी का बहाव सीमा से काफी दूर था, लेकिन लगातार कटाव के कारण अब नदी का रुख बदलकर रक्षा पंक्ति के करीब पहुंच गया है। यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाये गये तो बीएसएफ के सुरक्षा ढांचे को भी नुकसान पहुंच सकता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। सांसद ने आरोप लगाया कि बाढ़ के बाद पंजाब सरकार ने कटाव रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाये। उन्होंने कहा कि न तो स्टोन पिचिंग करायी गयी और न ही कोई स्थायी सुरक्षा कार्य किया गया, जिसके कारण रिकॉर्ड में दर्ज किसानों की खसरा भूमि लगातार नदी में समाती जा रही है।
श्री औजला ने पंजाब सरकार से मांग की कि तत्काल अस्थायी राहत के तौर पर रेत की बोरियां (सैंडबैग) और अन्य सुरक्षा अवरोध लगाए जाएं ताकि कटाव को रोका जा सके। साथ ही उन्होंने करीब 2.5 किलोमीटर लंबे संवेदनशील हिस्से में स्थायी स्टोन पिचिंग कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि आगामी संसद सत्र में वह इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे। यदि पंजाब सरकार केंद्र को प्रस्ताव भेजती है, तो वह उसकी मंजूरी दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
सांसद ने यह भी कहा कि कक्कड़ गांव से लेकर सीमा क्षेत्र के अंतिम हिस्से तक कहीं भी स्टोन पिचिंग या सैंडबैग जैसी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गयी है। उन्होंने सरकार से तुरंत मौके का दौरा कर किसानों की जमीन और देश की सीमा सुरक्षा को बचाने के लिए आवश्यक कार्य शुरू करने की अपील की।
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