रायसेन , अप्रैल 2 -- मध्यप्रदेश में रायसेन जिले के सिलवानी विकासखंड में विद्यालयों के लिए बिना मांग के लगभग 2 करोड़ रुपये के कॉन्फ्रेंस हॉल फर्नीचर खरीदी का मामला सामने आया है। प्राथमिक जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर एक कर्मचारी को निलंबित कर दिया गया है, जबकि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय सिलवानी में पदस्थ एक सहायक ग्रेड-3 ने प्राचार्यों को बुलाकर अपने स्तर पर कार्यादेश तैयार कराए। इस प्रक्रिया में न तो सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति ली गई और न ही वित्तीय नियमों का पालन किया गया।

करीब 13 हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में प्रति स्कूल लगभग 11.5 लाख रुपये की लागत से फर्नीचर भेजा गया, जबकि कई विद्यालयों में इसकी आवश्यकता नहीं थी। स्कूलों में 30 से 35 रिवॉल्विंग कुर्सियां और बड़ी कॉन्फ्रेंस टेबल पहुंचाई गईं।

हाई स्कूल खेरी के प्राचार्य राजेश लोधी के अनुसार प्राचार्यों से पहले से तैयार कार्यादेशों पर हस्ताक्षर कराए गए और आपत्ति जताने पर ऊपर से आदेश बताकर दबाव बनाया गया। वहीं हाई स्कूल कीरतपुर के प्राचार्य मदन मोहन चतुर्वेदी ने बताया कि स्कूलों में विद्यार्थियों के बैठने तक की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, ऐसे में यह फर्नीचर अनुपयोगी है।

फर्नीचर आपूर्ति के बाद भुगतान के लिए भी दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि विकासखंड शिक्षा अधिकारी रुपेंद्र ठाकुर ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध दस्तावेज और बिल-वाउचर के कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। इस मामले से मुआर खैरी, कीरतपुर, सियलवाड़ा, करतोली, चीकली, देवरी हतनापुर, खमरिया खुर्द, चंदन पिपरिया, छीद, नारायणपुर, प्रतापगढ़ और साईंखेड़ा सहित कई स्कूल प्रभावित हुए हैं।

प्रभावित स्कूलों के प्राचार्यों ने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और फर्नीचर वापस लेने की मांग की है। इस मामले में लोक शिक्षण संचालनालय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी डीडी रजक ने बताया कि वरिष्ठ कार्यालय को पत्र भेजकर विस्तृत जांच की मांग की गई है।

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