रायबरेली , सितंबर 01 -- उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में संचालित 87 गो आश्रय स्थलों में कुल 37,446 गोवंश संरक्षित किए गए हैं। इनके भरण-पोषण, स्वास्थ्य, चारा और गर्मी से बचाव के साथ ही गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि 56 अस्थायी गो आश्रय स्थलों में 21,907, 16 स्थायी गो आश्रय स्थलों में 7,798, सात वृहद गो संरक्षण केंद्रों में 5,018 तथा आठ नगर पंचायतों के गो आश्रय स्थलों में 2,723 गोवंश संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के अंतर्गत अब तक 2,921 गोवंश इच्छुक लाभार्थियों को संरक्षण के लिए सौंपे गए हैं। इससे गोवंशों की देखभाल के साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा मिल रहा है।

गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों के लिए हरे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने को 78 किसानों से अनुबंध किया गया है। चारा नीति के तहत वर्षभर हरे चारे की उपलब्धता बनाए रखने के लिए 56 हेक्टेयर क्षेत्रफल में चरी तथा पांच हेक्टेयर में नेपियर घास की बुवाई के लिए गो आश्रय स्थलों को भूमि उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा पौष्टिक आहार की उपलब्धता के लिए गो आश्रय स्थलों में अजोला उत्पादन शुरू करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

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