रायबरेली , अगस्त 21 -- खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने रायबरेली जिले में नकली एवं कूटरचित दवाओं के भंडारण और बिक्री के मामले का खुलासा किया है। बछरावां स्थित मिश्रा मेडिकल एजेंसी के संचालक आमोद कुमार मिश्रा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। औषधि निरीक्षक की जांच में एजेंसी से बरामद दवाओं और उनके खरीद-बिक्री अभिलेखों में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर गठित टीम ने 24 जुलाई और पांच अगस्त को बछरावां स्थित मिश्रा मेडिकल एजेंसी का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान संचालक आमोद कुमार मिश्रा की मौजूदगी में दवाओं के स्टॉक और संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। इस दौरान क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों में भी अनियमितताएं मिलीं।

जांच में ऑबमेंटिन ड्यू 625, बैच संख्या 825डी091 की बड़ी मात्रा में खरीद का मामला सामने आया। दस्तावेजों के अनुसार मिश्रा मेडिकल एजेंसी ने लखनऊ स्थित मिश्रा एसोसिएट्स से उक्त दवा के 3,200 पत्ते खरीदे थे। जांच में इस खरीद का रिकॉर्ड अलग-अलग बिलों के माध्यम से दर्ज पाया गया।

औषधि निरीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार दवा की निर्धारित कीमत और खरीद दर में भी गंभीर विसंगति सामने आई। रिपोर्ट में कंपनी की ओर से बताई गई करीब 116.70 रुपये प्रति यूनिट की लागत के मुकाबले संबंधित फर्म द्वारा इसे 56.60 रुपये प्रति यूनिट की दर से खरीदने पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, संबंधित फर्म की ओर से दिए गए लिखित पत्र में इस प्रकार की बिक्री से इनकार किए जाने का भी उल्लेख है।

पांच अगस्त को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में स्टोर की जांच के दौरान केनाकॉर्ट इंजेक्शन., बैच संख्या एनसीएल0243, के पैक पर कंपनी के मूल पैक से अलग प्रिंटिंग संबंधी गड़बड़ी मिली। रिपोर्ट के मुताबिक पैकेट पर 'एबोव' की जगह 'एबोवी' मुद्रित था। इसे संदिग्ध मानते हुए दवा का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। जांच रिपोर्ट में नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

निरीक्षण के दौरान स्टोर में मौजूद अन्य एलोपैथिक दवाओं के भी आठ संदिग्ध नमूने जांच के लिए लिए गए। कार्रवाई के दौरान दुकान के विद्युत उपकरण बंद कर परिसर को सील कर दिया गया और चाबी संबंधित व्यक्ति को सौंप दी गई।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि मामले से संबंधित कार्रवाई के तहत 29 जुलाई को थाना अमीनाबाद, लखनऊ में मिश्रा मेडिकल एजेंसी और मिश्रा एसोसिएट्स के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है। औषधि निरीक्षक माधुरी सिंह की ओर से उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मिश्रा मेडिकल एजेंसी के संचालक आमोद कुमार मिश्रा के खिलाफ कूटरचित एवं फर्जी बिलों के माध्यम से नकली दवाओं के भंडारण, क्रय और बिक्री के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।

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