रायपुर , जुलाई 19 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के संजय नगर स्थित एक मकान में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई है कि बैटरी कारोबारी साजिद अली ने पहले अपनी पत्नी और तीन बच्चों को जहरीला पदार्थ खिलाया, जिसके बाद स्वयं फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस के अनुसार सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी में सामने आया है कि शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे साजिद अली कुछ देर के लिए कमरे से बाहर निकला था। वह वॉशरूम जाने के बाद दोबारा घर के भीतर चला गया और इसके बाद बाहर नहीं निकला। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि परिवार के चार सदस्यों को रात में जहरीला पदार्थ देने के बाद उसने शुक्रवार सुबह आत्महत्या की।

जांच में यह भी सामने आया है कि गुरुवार दोपहर उसकी पत्नी राबिया बानो मोहल्ले के एक दर्जी के यहां कपड़ों का नाप देने गई थीं और रविवार तक कपड़े तैयार करने के लिए कहा था, क्योंकि परिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होना था। वहीं दोनों बेटियां शाम के समय किराएदार के घर गई थीं और बाद में वापस लौट आई थीं। पुलिस के मुताबिक परिवार के अन्य सदस्यों के व्यवहार में किसी तरह की असामान्यता नहीं दिखी, जबकि साजिद अली पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में बताया जा रहा है।

पुलिस जांच के अनुसार साजिद अली मौदहापारा क्षेत्र में बैटरी रिपेयरिंग की दुकान संचालित करता था। शुरुआत में वह ठेला लगाकर काम करता था और बाद में बैटरी व्यवसाय शुरू किया। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि वह नशे का आदी था तथा पिछले कुछ महीनों से मानसिक दबाव में रह रहा था। उसके स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ गया था और वह परिवार के सदस्यों पर अक्सर गुस्सा करता था।

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि साजिद पिछले लगभग 15 वर्षों से अपने भाइयों और बहनों से अलग रह रहा था। भिलाई स्थित ससुराल पक्ष से भी उसका संपर्क बेहद सीमित था। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ लोग उससे उधार की रकम मांगने उसके घर आते थे। ऐसे में आर्थिक तंगी, कर्ज और संभावित वित्तीय विवादों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कहीं उसका पैसा किसी ऑनलाइन गतिविधि, निवेश या अन्य विवाद में तो नहीं फंसा था, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गया हो।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित