रायपुर , अक्टूबर 24 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कंपनी के निदेशक के नाम और प्रोफाइल फोटो का कथित दुरुपयोग कर 80 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सऐप पर कंपनी के अकाउंटेंट को भुगतान संबंधी निर्देश भेजकर बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। मामले में टिकरापारा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार, कमल विहार निवासी विजय राठी, राठी बंधु कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। उनका कार्यालय देवपुरी में राठीस बिल्ड मार्ट के पास स्थित है। 19 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1:23 बजे एक अज्ञात मोबाइल नंबर से कंपनी के अकाउंटेंट लेखराम चक्रधारी को व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया। संदेश में विजय राठी के नाम और प्रोफाइल फोटो का इस्तेमाल किया गया था। आरोप है कि आरोपी ने कंपनी के बैंक खाते की जानकारी लेने के बाद भुगतान करने के निर्देश दिए।

शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने बैंक ऑफ इंडिया के एमआई क्लॉथिंग नामक खाते का विवरण भेजा। इसके आधार पर 19 अक्टूबर को कंपनी के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से आरटीजीएस के जरिए 80 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए गए।

इसके बाद 21 अक्टूबर को 13 लाख रुपए के भुगतान के लिए एक और व्हाट्सऐप संदेश भेजा गया। इस बार द फैडरल बैंक के एस एस गोल्ड नामक खाते का विवरण दिया गया। कंपनी की ओर से इस खाते में भी 13 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए, लेकिन बाद में बैंक से संपर्क करने और आवश्यक कार्रवाई के बाद यह लेन-देन रिवर्स हो गया तथा पूरी रकम कंपनी के खाते में वापस आ गई।

इस तरह दूसरे लेन-देन के 13 लाख रुपए वापस मिलने से कंपनी को उस राशि का नुकसान नहीं हुआ, जबकि पहले ट्रांसफर किए गए 80 लाख रुपए की ठगी का मामला पुलिस के सामने आया है। टिकरापारा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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