रायपुर , जुलाई 28 -- छत्तीसगढ़ के जिला रायपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अपराजिता महिला सहायता केंद्र ने पिछले एक वर्ष में 35 मानसिक रूप से अस्वस्थ, निराश्रित एवं बेसहारा महिलाओं का सफल उपचार और पुनर्वास कर उन्हें उनके परिजनों से मिलाया है।

विभाग की ओर से मंगलवार को जारी जानकारी के अनुसार जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के दौरान रायपुर, दुर्ग, बालोद और कबीरधाम की 35 महिलाओं का उपचार एवं काउंसिलिंग के बाद पुनर्वास कराया गया। जिन महिलाओं का पारिवारिक पुनर्वास तत्काल संभव नहीं था, उन्हें नियमानुसार नारी निकेतन, रायपुर में स्थानांतरित किया गया।

केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उपचार, दवाइयां, मनोवैज्ञानिक परामर्श, योग, प्राणायाम, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा मनोरंजक गतिविधियों की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्तमान में यहां करीब 80 महिला हितग्राहियों की देखभाल एवं उपचार किया जा रहा है।

स्वास्थ्य में सुधार आने पर आठ महिलाओं के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई। समाज कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक अरविंद गेडाम के मार्गदर्शन में नारी निकेतन के साथ समन्वय स्थापित किया गया। गत 14 जुलाई को आयोजित संयुक्त बैठक में महिलाओं की स्वास्थ्य स्थिति, मानसिक अवस्था और काउंसिलिंग रिपोर्ट की समीक्षा के बाद 20 जुलाई को सभी आठ महिलाओं को नारी निकेतन, रायपुर भेजकर उनका पुनर्वास सुनिश्चित किया गया।

केंद्र में महिला हितग्राहियों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस सहित दीपावली, होली, रक्षाबंधन, नववर्ष एवं अन्य प्रमुख राष्ट्रीय और सांस्कृतिक पर्व पारिवारिक वातावरण में मनाए जाते हैं। इसके अलावा योग, प्राणायाम, संगीत, सांस्कृतिक गतिविधियां, खेलकूद, बागवानी, स्वच्छता, दैनिक जीवन कौशल और आत्मनिर्भरता संबंधी प्रशिक्षण नियमित रूप से दिए जाते हैं।

विभाग के अनुसार अपराजिता महिला सहायता केंद्र पुनर्वास आधारित सेवाओं का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभरा है, जिसने समय पर उपचार, संवेदनशील देखभाल, परामर्श और पुनर्वास के माध्यम से मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं को सम्मानपूर्वक समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

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