रायपुर , मई 21 -- छत्तीसगढ़ शासन के निर्देश एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में रायपुर जिले की सहकारी समितियों में खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण किया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को प्रति एकड़ एक-एक बोरी डीएपी या यूरिया लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा रहा है।

विभाग से गुरुवार को जारी जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के संग्रहण केंद्रों से समितियों में 10 हजार 732 टन यूरिया तथा तीन हजार 927 टन डीएपी का भंडारण किया गया था। वर्तमान में जिले की समितियों में नौ हजार 102 टन यूरिया और तीन हजार 92 टन डीएपी उपलब्ध है। विभाग ने बताया कि उर्वरकों का भंडारण एवं वितरण सतत प्रक्रिया है तथा उठाव के अनुसार पुनः भंडारण किया जाएगा।

कृषि विभाग ने किसानों से आवश्यकता अनुसार ही उर्वरकों का उठाव करने और यूरिया तथा डीएपी के वैकल्पिक स्रोतों के उपयोग की अपील की है। विभाग ने उर्वरकों की कमी संबंधी भ्रामक खबरों का खंडन करते हुए कहा कि जिले की सभी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध हैं।

विभाग के अनुसार, शासन के निर्देशानुसार समितियों के माध्यम से कृषकों को गतवर्ष वितरित यूरिया का 80 प्रतिशत उपलब्ध कराया जाएगा, जबकि शेष 20 प्रतिशत मात्रा पारंपरिक यूरिया की उपलब्धता के अनुसार अथवा नैनो यूरिया के रूप में दी जाएगी। इसी प्रकार डीएपी की 60 प्रतिशत मात्रा उपलब्ध कराई जाएगी तथा शेष 40 प्रतिशत मात्रा वैकल्पिक एनपीके उर्वरकों या नैनो डीएपी के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि नैनो उर्वरक पूरी तरह वैकल्पिक हैं और किसी भी किसान को इन्हें लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि 2.50 एकड़ तक भूमि वाले सीमांत किसानों को निर्धारित यूरिया एकमुश्त उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं 2.50 से पांच एकड़ तक भूमि वाले लघु किसानों को दो किस्तों में तथा पांच एकड़ से अधिक भूमि वाले बड़े किसानों को तीन किस्तों में उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।

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