रायगढ़ , सितंबर 07 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों की लगातार बढ़ती मौजूदगी के बीच रविवार रात अलग-अलग वन परिक्षेत्रों में हाथियों ने 21 किसानों के खेतों में धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान एक हाथी बस्ती में घुस गया और कच्चे मकान की दीवार क्षतिग्रस्त कर दी। घटना में किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है।

वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल के लैलूंगा रेंज अंतर्गत बनेकेला और झगरपुर में हाथियों ने तीन किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। धरमजयगढ़ वन परिक्षेत्र के धरमपुर में घनश्याम और कृष्ण यादव के चार खेतों में हाथियों का दल पहुंचा और फसल रौंद दी।

इसी तरह कोयलार में धनाराम, लुधुराम, रत्नाराम और कुमार राठिया की फसल को नुकसान पहुंचा है, जबकि गेरसा में किसान बैजनाथ की धान की फसल हाथियों ने रौंद दी।

बोरो रेंज के पोरिया, बताती और किंध्रा में 14 हाथियों के दल ने नौ किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया। प्रभावित किसानों में रामप्रसाद, राजेश्वर, बुधराम, रामलाल, रामकुमार, विनोद, मोहर, राम प्रधान और रामकुमार सान शामिल हैं।

बकरूमा रेंज के रैरूमा में एक हाथी रात के समय बस्ती तक पहुंच गया और सुंदर साय के कच्चे मकान की दीवार क्षतिग्रस्त कर दी। इस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई।

विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार रायगढ़ जिले के दोनों वन मंडलों में वर्तमान में कुल 139 हाथी विचरण कर रहे हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल में 112 हाथी हैं, जिनमें 36 नर, 47 मादा और 29 शावक शामिल हैं। रायगढ़ वन मंडल के बंगुरसिया पश्चिम क्षेत्र में 27 हाथियों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इनमें 6 नर, 16 मादा और 5 शावक हैं।

हाथियों की बड़ी संख्या को देखते हुए वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। मैदानी अमले के साथ ड्रोन से भी हाथियों की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। हाथी प्रभावित गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा अकेले जंगल की ओर नहीं जाने की हिदायत दी जा रही है, ताकि मानव-हाथी संघर्ष की किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

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