रायगढ़ , जुलाई 12 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक नाबालिग को कथित रूप से भारत विरोधी नारे सिखाने और महिला से प्रताड़ना के मामले में पुलिस ने जिला जेल में बंद आरोपी वसीम मोहम्मद को प्रोडक्शन वारंट पर एक दिन की पुलिस अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ और अन्य वैधानिक कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को पुनः न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार, 29 मई 2026 को एक महिला ने महिला थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वसीम मोहम्मद ने उसके साथ शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की तथा उसके नाबालिग पुत्र को "पाकिस्तान जिंदाबाद" और "हिंदुस्तान मुर्दाबाद" जैसे कथित भारत विरोधी नारे सिखाए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद महिला थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने बताया कि आरोपी पहले से ही लगभग छह किलोग्राम गांजा बरामदगी के एक मामले में एनडीपीएस अधिनियम के तहत गिरफ्तार होकर जिला जेल रायगढ़ में न्यायिक अभिरक्षा में बंद है। महिला थाना में दर्ज प्रकरण की विवेचना के लिए न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त कर उसे एक दिन के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा डीएसपी उन्नति ठाकुर के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने आरोपी को घटनास्थल ले जाकर पूछताछ, स्थल निरीक्षण और अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल पर पूछताछ के दौरान आरोपी ने "हिंदुस्तान जिंदाबाद" और "पाकिस्तान मुर्दाबाद" के नारे भी लगाए। रिमांड अवधि समाप्त होने पर उसे पुनः न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि राष्ट्र विरोधी गतिविधियों, महिलाओं के विरुद्ध अपराध तथा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। मामले की विवेचना जारी है तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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