मुंबई , जुलाई 09 -- महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में भारी बारिश के कारण उफान पर आई पातालगंगा नदी में एक निजी एलपीजी भंडारण केंद्र से बहकर आए हजारों, रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर दिखाई देने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने सिलेंडरों को सुरक्षित निकालने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने नवी मुंबई से करीब 45 किलोमीटर दूर मुंबई-अहमदाबाद राजमार्ग स्थित मस्तान नाका पुल के पास नदी में बड़ी संख्या में सिलेंडर तैरते हुए देखे। नदी में सिलेंडर बहने का वीडियो भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तेज बारिश और बाढ़ के पानी से एक निजी एलपीजी गोदाम की चारदीवारी टूट गई, जिससे सिलेंडर नदी की धारा में बह गये। रायगढ़ जिला आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), स्थानीय अग्निशमन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने नदी के लगभग तीन किलोमीटर लंबे हिस्से में सिलेंडरों को निकालने का अभियान चलाया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी सिलेंडर नदी के निचले हिस्से में आबादी वाले क्षेत्रों तक न पहुंचे। इसके लिए नौकाओं की मदद से सिलेंडरों को जाल में फंसाकर सुरक्षित बाहर निकाला जा रहा है, जबकि एहतियात के तौर पर बम निरोधक दस्तों को भी तैनात रखा गया है। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि सिलेंडर नदी में कैसे पहुंचे और क्या भंडारण केंद्र में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन हुआ था। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि एलपीजी भंडारण केंद्र निचले क्षेत्र में स्थित था, जहां बाढ़ का खतरा बना रहता है। अधिकारी भंडारण अभिलेखों और सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने तथा नदी में मिले किसी भी सिलेंडर को छूने, खींचने या क्षतिग्रस्त करने का प्रयास नहीं करने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि खाली सिलेंडर भी वाल्व क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में खतरनाक साबित हो सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसे किसी सिलेंडर के दिखाई देने पर तत्काल पुलिस (100) या आपातकालीन सेवा (108) को सूचना दें।
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