रायगढ़ , सितंबर 11 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के बोरो वन परिक्षेत्र में करीब दो साल का हाथी का बच्चा अपने दल से बिछड़ गया है। वन विभाग की टीम हाथी के बच्चे की लगातार निगरानी कर रही है और उसे उसके दल से दोबारा मिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के ग्रामीणों को उससे दूरी बनाए रखने और प्रभावित जंगल में प्रवेश नहीं करने की बात समझाई है।

वन विभाग से शुक्रवार सुबह मिली जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह बाजारदांड के पीछे चाल्हा के पास राजस्व जंगल में ग्रामीणों ने हाथी के बच्चे को अकेले घूमते देखा। आसपास हाथियों का कोई दल दिखाई नहीं देने पर इसकी सूचना वन अमले को दी गई। वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर इसकी पुष्टि की और वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी।

सूचना मिलने पर डीएफओ सत्यदेव शर्मा, बोरो रेंजर उमाशंकर पटेल समेत वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि हाथी का बच्चा सात हाथियों के दल के साथ विचरण कर रहा था। रात में दल आगे निकल गया, जबकि बच्चा पीछे छूट गया।

वन विभाग ने डॉक्टरों की सलाह के बाद हाथी के बच्चे के भोजन की व्यवस्था की। उसे सुरक्षित दूरी से केला और केले का पौधा दिया गया। उसने केला पूरा खा लिया, हालांकि पानी नहीं पिया।

वन अमले ने हाथी के बच्चे के मूल दल की भी तलाश की है। विभाग को जानकारी मिली है कि सात हाथियों का यह दल क्रिंधा सर्किल के कुरूपानी क्षेत्र में विचरण कर रहा है। हाथी का बच्चा बीच-बीच में चिंघाड़ते हुए धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। बोरो रेंज का स्टाफ, हाथी मित्र दल और उड़नदस्ता टीम उसकी गतिविधियों और व्यवहार पर लगातार नजर रख रही है।

बोरो वन परिक्षेत्राधिकारी उमाशंकर पटेल ने बताया कि हाथी का बच्चा करीब दो साल का है। उसके करीब जाने की कोशिश करने पर वह दौड़ाने लगता है। इसलिए स्टाफ दूर से उसकी निगरानी कर रहा है।

उन्होंने बताया कि शावक को खाने के लिए केला और केले का पेड़ दिया गया था, जिसे उसने पूरा खा लिया। दल से मिलाने के लिए उस पर लगातार नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों से भी उसके करीब नहीं जाने की अपील की गई है।

वन विभाग ने एहतियात के तौर पर चाल्हा सहित आसपास के गांवों में मुनादी कराई है और लोगों से हाथी के बच्चे के पास नहीं जाने तथा संबंधित जंगल क्षेत्र में आवाजाही से बचने को कहा है।

बोरो रेंज में वर्तमान में इसके अलावा 14, सात और दो हाथियों के दल भी विचरण कर रहे हैं।

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