मथुरा , अगस्त 1 -- प्रसिद्ध कथावाचक एवं आध्यात्मिक गुरु देवकीनंदन ठाकुर ने मौलाना जर्जिस द्वारा भगवान राम और भगवान शिव के संबंध में विवादास्पद टिप्पणी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने ईशनिंदा संबंधी कानून बनाए जाने की भी वकालत की।
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि धार्मिक आस्थाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती है और ऐसे मामलों में प्रशासन को निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा कि भगवान राम और भगवान शिव पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने वालों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि सनातन धर्म के अनुयायी अन्य धर्मों की आस्थाओं का सम्मान करते हैं और सभी समुदायों को भी एक-दूसरे की धार्मिक भावनाओं का सम्मान करना चाहिए।
देवकीनंदन ठाकुर ने बातचीत के दौरान 'ईशनिंदा' (ब्लास्फेमी) से संबंधित कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उनका कहना था कि किसी भी धर्म के ईश्वर, धार्मिक ग्रंथों अथवा संतों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान होना चाहिए। उन्होंने संबंधित टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के विरुद्ध कठोर दंड की मांग भी की।
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