लखनऊ , जून 19 -- आम आदमी पार्टी (आप) राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और उससे जुड़े लोगों पर जमीन खरीद में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि मंदिर परिसर के आसपास कई जमीनें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर खरीदी गईं।

श्री सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि 16 नवंबर 2023 को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अयोध्या के शहनवाजपुर क्षेत्र में 117 बिस्वा जमीन 55.47 करोड़ रुपए में खरीदी, जबकि उसकी वास्तविक कीमत करीब नौ करोड़ रुपए थी। उन्होंने दावा किया कि यह जमीन आलोक बंसल, मनीष बंसल और शिवानी बंसल से खरीदी गई और खरीद-फरोख्त के दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं।

आप सांसद ने आरोप लगाया कि राम मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए सरकार ने मांझा बरेठा में तीन हजार से ज्यादा किसानों की जमीन अधिग्रहित की और करीब 4.40 लाख रुपए प्रति बिस्वा का मुआवजा दिया। वहीं ट्रस्ट ने दूसरी जमीन के लिए करीब 47 लाख रुपए प्रति बिस्वा की दर से भुगतान किया। उन्होंने कहा कि दोनों जमीनें एक ही क्षेत्र में हैं तो कीमतों में इतना बड़ा अंतर कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने पूछा कि "ये लूट का माल किसके-किसके हिस्से में जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए।"संजय सिंह ने राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह आधिकारिक तौर पर एसआईटी अधिकारियों से समय मांगकर सभी दस्तावेज सौंपेंगे।

आप सांसद ने मांग की कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े भूमि खरीद मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में समयबद्ध तरीके से कराई जाए। उन्होंने 2020 से 2024 के बीच ट्रस्ट में सरकार द्वारा नामित सदस्यों की भूमिका की भी जांच की मांग की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर पलटवार करते हुए संजय सिंह ने कहा कि सीएम ने कहा था बिना साक्ष्य बात न करें, साक्ष्य हैं तो एसआईटी को दें। इस पर संजय सिंह ने कहा, "मैं मोदी जी से कहना चाहूंगा कि एक एक्सप्रेस-वे बनाना चाहिए जो अयोध्या से नागपुर पहुंचे, क्योंकि अयोध्या से चोरी करो और सीधा नागपुर पहुंचे जो टोल फ्री हो।"संजय सिंह ने आरोप लगाया कि "ईडी पार्टी के संरक्षण में राम मंदिर में चंदा चोरी और लूट का खेल चल रहा है।" उन्होंने कहा कि पहले सुल्तान अंसारी से जमीन खरीद में भ्रष्टाचार हुआ, फिर चंपत राय ने जो जमीन बंसल से खरीदी उसमें भी भ्रष्टाचार किया गया। उन्होंने चुनाव आयोग अधिकारी ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि "ज्ञानेश कुमार ने पहले वोट चोरी किया, उसके बाद अब मंदिर में ट्रस्ट के साथ मिलकर चंदा चोरी किया गया।"उन्होंने कहा कि मंदिर से चंदा चोरी मामले पर एफआईआर दर्ज तक नहीं की गई और एसआईटी का गठन कर दिया गया। "चंपत राय को बिना जांच क्लीन चिट कैसे दी गई, इसकी जांच होनी चाहिए। ज्ञानेश कुमार की इस मामले में क्या भूमिका है, उसकी भी जांच होनी चाहिए।"संजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, भारतीय जनता पार्टी या संबंधित सरकारी अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।

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