नयी दिल्ली , जुलाई 06 -- कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राम मंदिर के कथित चंदा चोरी मामले में विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने वाली विश्व हिंदू परिषद की चिट्ठी को "चोर मचाए शोर" की राजनीति बताया है।

श्री वेणुगोपाल ने कहा कि जिस विहिप पर पहले भी निर्मोही अखाड़ा की ओर से 1,400 करोड़ रुपये के कथित राम मंदिर घोटाले के आरोप लगाए गए थे, वही अब विपक्षी नेताओं से पूछताछ की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि जब मंदिर ट्रस्ट का गठन नरेन्द्र मोदी सरकार के दौरान हुआ, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय विहिप और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे, ट्रस्ट का नेतृत्व केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त लोगों के हाथ में है और केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार है, तब श्रीमती प्रियंका गांधी, श्री अखिलेश यादव या अन्य विपक्षी नेताओं का इस मामले से क्या संबंध है?उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन लंबे समय से चंदा चोरी के आरोपों से घिरा रहा है और ताजा घटनाक्रम ने यह उजागर कर दिया है कि आस्था के नाम पर लोगों की भावनाओं का राजनीतिक और आर्थिक लाभ उठाया गया। उन्होंने सवाल किया कि यदि विहिप वास्तव में राम मंदिर की पवित्रता को लेकर गंभीर है तो वह अपने ही संगठन से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग क्यों नहीं कर रही और भाजपा नेतृत्व इस मामले पर चुप क्यों है।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि गंभीर सवालों से घिरने के बाद अब विपक्ष पर आरोप लगाकर ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग दोहराते हुए कहा कि मौजूदा विशेष जांच टीम से निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।

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