बारां , अक्टूबर 22 -- मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का आदर्श जीवन हमें सत्य, मर्यादा और त्याग की सीख देता है, रामलीला हमारी सांस्कृतिक विरासत है और इसे सहेजना हम सभी की महती जिम्मेदारी है।
यह बात राजस्थान में बारां नगर परिषद की सभापति शीतल कमल राठौर ने श्री महावीर कला मंडल संस्थान की ओर से आयोजित 68वीं रामलीला के समापन समारोह में कही। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में भी रामलीला के प्रति उमड़ रही दर्शकों की भीड़ इस बात का प्रमाण है कि समाज में हमारी संस्कृति और परंपराओं के प्रति आस्था अब भी कायम है।
श्री राठौर ने कहा कि रामचरितमानस में अहंकार के पतन को बखूबी दर्शाया गया है। अहंकार ही व्यक्ति के सर्वनाश का कारण बनता है।
उपसभापति तेजस सुमन ने कहा कि नगर परिषद ऐसे सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजनों के लिए हमेशा तत्पर है। इन आयोजनों से समाज में संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है।
इससे पहले समापन समारोह में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। सभापति शीतल कमल राठौर, उपसभापति तेजस सुमन, उद्योगपति सत्यप्रकाश साबू, मनीष साबू एवं समाजसेवी ओम सोनी ने गुरु वशिष्ठ के सान्निध्य में भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक किया। इस दौरान लघु गुरुकुल के नन्हे बच्चों ने वैदिक मंत्रोच्चार कर पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया।
कार्यक्रम में संस्थान अध्यक्ष योगेश गुप्ता सहित लक्ष्मण वर्मा, हंसराज गेरा, श्यामसुंदर बंसल, धर्मेंद्र शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया।
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