रामपुर , मई 16 -- उत्तर प्रदेश में रामपुर जिले की एक विशेष अदालत ने शनिवार को विवादित बयान के एक मामले में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं समाजवादी पार्टी (सपा) नेता मोहम्मद आजम खान को दो वर्ष की साधारण कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है।

लोकसभा चुनाव-2019 के दौरान दिए गए विवादित बयान के मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने आजम को दो वर्ष के साधारण कारावास तथा 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार आजम खान ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान थाना भोट क्षेत्र में आयोजित एक सभा में तत्कालीन जिलाधिकारी एवं वर्तमान मुरादाबाद मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह के संबंध में विवादित टिप्पणी की थी। आरोप है कि उन्होंने सार्वजनिक मंच से अधिकारियों को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था।

इस मामले में तत्कालीन उप जिलाधिकारी टांडा एवं सहायक रिटर्निंग अधिकारी घनश्याम त्रिपाठी की ओर से थाना भोट में 11 मई 2019 को मुकदमा दर्ज कराया गया था। मुकदमा भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए), 153(बी), 505(2) तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 125 के तहत दर्ज किया गया था।

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम/एमपी-एमएलए कोर्ट रामपुर में चल रही थी। शनिवार को न्यायाधीश शोभित बंसल ने सुनवाई पूरी होने के बाद मोहम्मद आजम खान को दोषी करार देते हुए दो वर्ष के साधारण कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

एडीजीसी संदीप सक्सेना ने बताया कि अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषसिद्ध पाया और दंडादेश जारी किया।

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