खरगोन , सितंबर 27 -- मध्यप्रदेश के खरगोन में रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा के दौरान संजय नगर में एक मकान पर पेट्रोल बम फेंककर आगजनी और तोड़फोड़ करने के मामले में स्थानीय अदालत ने शनिवार को तीन आरोपियों को सात-सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी।
चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मुकेश नाथ ने इक़बाल उर्फ ड्राइवर, मुन्ना शेख उर्फ मुन्ना कालिया और फरीद खान को दोषी ठहराया। न्यायालय ने तीनों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उन्हें एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपर लोक अभियोजक युवराज गुजराती ने बताया कि 10 अप्रैल 2022 को हिंसा के दौरान बड़ी संख्या में लोग फरियादी दुर्गेश पंवार के संजय नगर स्थित मकान के पास पहुंचे थे। भीड़ ने मकान पर पथराव करने के बाद पेट्रोल बम फेंके, जिससे मकान में आग लग गई।
पंवार ने न्यायालय में दिए बयान में बताया कि क्षेत्र में पथराव की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने बच्चों और मां को सुरक्षा के लिए गांधी नगर स्थित रिश्तेदारों के घर भेज दिया था। वह और उनकी पत्नी मकान में ताला लगाकर निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी भीड़ ने उनके मकान और उनकी मां के मकान पर पथराव शुरू कर दिया।
इसके बाद पेट्रोल बम फेंके जाने से मकान और उसमें रखा टीवी, फ्रिज, कूलर, वॉशिंग मशीन, सिलाई मशीन, कपड़े तथा अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट या क्षतिग्रस्त हो गया। मकान के बाहर खड़ा दोपहिया वाहन भी जला दिया गया। फरियादी ने नुकसान करीब दो से तीन लाख रुपये बताया था।
अभियोजन के अनुसार सुनवाई के दौरान पंवार ने तीनों आरोपियों की पहचान भीड़ में शामिल लोगों के रूप में की। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर तीनों को दोषी माना।
इस मामले में फरियादी की शिकायत पर 11 अप्रैल 2022 को खरगोन थाने में प्रकरण दर्ज किया गया था। पुलिस ने नौ नामजद आरोपियों सहित 40-50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रकरण में कुल 28 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई हुई। इनमें से एक आरोपी नवाब की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि 24 आरोपियों को न्यायालय ने बरी कर दिया।
लोक अभियोजक गुजराती ने बताया कि खरगोन में रामनवमी हिंसा से जुड़े करीब 65 मामले तीन न्यायालयों में लंबित हैं। इनमें यह पहला मामला है, जिसमें आरोपियों को दोषी ठहराकर सजा सुनाई गई है।
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