रामनगर , मार्च 12 -- संयुक्त संघर्ष समिति रामनगर से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर थोपे गए युद्ध की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के खिलाफ बताया तथा इस मुद्दे पर भारत सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
देवभूमि व्यापार मंडल के सभागार में आयोजित बैठक का संचालन समिति के सदस्य प्रभात ध्यानी ने किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर जबरन थोपे गए युद्ध के दौरान दोनों पक्षों की बमबारी में हजारों निर्दोष लोग, जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं, अपनी जान गंवा चुके हैं।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि इस युद्ध के दौरान अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है। संयुक्त संघर्ष समिति से जुड़े संगठनों का कहना था कि इस युद्ध का मुख्य उद्देश्य ईरान के प्राकृतिक संसाधनों, विशेष रूप से गैस और तेल पर कब्जा करना है।
बैठक में कहा गया कि युद्ध का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है बल्कि इसका प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ रहा है। वक्ताओं के अनुसार खाड़ी देशों में काम कर रहे भारत के एक करोड़ से अधिक लोगों के रोजगार और जीवन पर भी इसका गंभीर संकट मंडरा रहा है। साथ ही स्ट्रेट ऑफ हारमुज से तेल के निर्यात में बाधा आने के कारण वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे असुरक्षा और अफरातफरी का माहौल बन रहा है।
बैठक में अमेरिका द्वारा विभिन्न देशों की संप्रभुता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप को भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया। वक्ताओं ने भारत सरकार द्वारा इस मुद्दे पर चुप्पी साधने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यह भारत की लंबे समय से चली आ रही गुटनिरपेक्ष नीति के विपरीत है। उन्होंने भारत सरकार से इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाने और शांति स्थापित करने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
बैठक में समाजवादी लोकमंच के मुनीश कुमार, इंकलाबी मजदूर केंद्र के भुवन, महिला एकता मंच की ललिता रावत, प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की शीला शर्मा और तुलसी छिम्बाल, देवभूमि व्यापार मंडल के संरक्षक मनमोहन अग्रवाल, साइंस फॉर सोसाइटी के गिरीश आर्य, प्रगतिशील जन एकता मंच के लालमणि, पछास के रवि, ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन के सुमित, सामाजिक कार्यकर्ता कैसर राणा, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के प्रभात ध्यानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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