रामनगर , अक्टूबर 31 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय से शनिवार को रामनगर के पुछड़ी और रानीखेत रोड के निवासियों को बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने अतिक्रमणकारियों का पक्ष सुने बिना अतिक्रमण न हटाने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने फिलहाल चार माह के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर रोक भी लगा दी है।

राज्य में बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर स्वतः संज्ञान लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने ये निर्देश दिए।

खंडपीठ के समक्ष रामनगर के पुछड़ी क्षेत्र और रानीखेत रोड के पीड़ित पक्षों की ओर से जिला प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाये जाने का मामला उठाया गया। कहा गया कि पीड़ित वर्षों से यहां रह रहे हैं और उन्हें बिना सुने यहां से हटाया जा रहा है।

अंत में अदालत ने पीड़ितों का पक्ष सुने बगैर कोई कार्रवाई न करने के निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने पीड़ितों से कहा कि वे अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष रखें।

न्यायालय ने प्रदेशभर में सड़कों, नालों, वन भूमि, राष्ट्रीय राजमार्गों और स्थानीय निकायों की भूमि पर बढ़ते अवैध अतिक्रमण के मामले में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति से तीन हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सभी संबंधित विभागों को समस्त सरकारी भूमि की जियो मैपिंग कराने और उसे अपने डिजिटल पोर्टल पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में अतिक्रमण पर रोक लग सके। वन पंचायतों की सीमाएं निर्धारित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

न्यायालय ने स्पष्ट किया कि खाम भूमि सहित अन्य स्थानों पर बने सभी अवैध रिसॉर्ट्स और अतिक्रमणकारियों को अविलंब हटाया जाए। हाईकोर्ट ने दोहराया कि सभी विभाग पारदर्शी व्यवस्था के तहत डिजिटल मैपिंग की रिपोर्ट अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें, ताकि राज्य की सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने नैनीताल जिले के पदमपुरी स्थित अतिक्रमण के मामले में एक पत्र का स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की है। इसी के तहत रामनगर के पूछड़ी पीड़ितों की ओर से अपना रख कर उच्च न्यायालय से प्रशासन क कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गयी।

जिला प्रशासन रामनगर के पूछड़ी में वन भूमि से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। यहां हजारों लोगों ने वन भूमि पर अतिक्रमण किया है। जिला प्रशासन पहले चरण में सैकड़ों अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर चुका है। आज से दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू की थी। आज सुबह सुबह भी प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ जोरदार कार्रवाई शुरू की। हालांकि कुछ लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया है।

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