रामगढ़ , जून 13 -- झारखंड के रामगढ़ जिले में सीसीएल अरगडा बंद भूमिगत खदान के विपरीत काजू बगान स्थित वन क्षेत्र में शनिवार सुबह अवैध कोयला खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया। अवैध रूप से बनाई गई सुरंगनुमा खदान के भीतरऑक्सीजन की कमी और जहरीली गैसों की चपेट में आने से चार युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी और शोक का माहौल व्याप्त हो गया।

स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब नौ बजे चार युवक अवैध रूप से कोयला निकालने के लिए लगभग 30 फीट गहरे गड्ढे में उतरे थे। इसी दौरान खदान के भीतर ऑक्सीजन का स्तर अत्यंत कम होने और जहरीली गैसों के प्रभाव के कारण वे अंदर ही फंस गए।

घटना की सूचना मिलते ही सीसीएल अरगडा के सेफ्टी ऑफिसर रमेश कुमार एवं एरिया क्वालिटी मैनेजर एस.एन. तिवारी मौके पर पहुंचे और माइंस रेस्क्यू टीम तथा सीसीएल गिद्दी अस्पताल को सूचित किया।

माइंस सुपरिटेंडेंट विकास कुमार के नेतृत्व में 12 सदस्यीय रेस्क्यू टीम और डॉ. सागर कुमार के नेतृत्व में पांच सदस्यीय चिकित्सकीय दल एंबुलेंस के साथ घटनास्थल पर पहुंचा।

काफी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने खदान के भीतर फंसे चारों युवकों को बाहर निकाला। मृतकों की पहचान सिरका बुधबाजार निवासी किशोर और आशीष तथा टोंगी निवासी देवा और डब्लू के रूप में की गई है।

मौके पर मौजूद चिकित्सकों ने दो युवकों की जांच की, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों के आग्रह पर सभी चारों को रांची रोड स्थित होप अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

माइंस रेस्क्यू टीम के अनुसार खदान के ऊपरी हिस्से में ऑक्सीजन का स्तर लगभग नौ प्रतिशत था, जबकि करीब 30 फीट गहराई और अंदर बने लगभग 40 फीट लंबे हिस्से में यह घटकर मात्र दो प्रतिशत रह गया था। साथ ही खदान के भीतर कार्बन डाइऑक्साइड सहित अन्य जहरीली गैसों की मौजूदगी भी पाई गई।

चिकित्सकों और रेस्क्यू टीम का मानना है कि ऑक्सीजन की गंभीर कमी और जहरीली गैसों के कारण दम घुटने से चारों युवकों की मौत हुई।

घटना की सूचना पर रामगढ़ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नवीन प्रकाश पांडेय और कुजू ओपी प्रभारी आशुतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करते रहे।

हादसे की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शवों के बाहर निकलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल छा गया।

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