रामगढ़ , जुलाई 25 -- झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), रामगढ़ के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय, रामगढ़ परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मो. तौफीकुल हसन के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणी के 40 मामलों का आपसी सहमति से निष्पादन किया गया। इसके साथ ही Rs.70 हजार राजस्व की प्राप्ति हुई।

लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, विद्युत अधिनियम से संबंधित मामले, भूमि अधिग्रहण विवाद, दीवानी एवं आपराधिक अपील, बैंक एवं बीमा संबंधी विवाद, राजस्व मामले, चेक बाउंस तथा मोटर दुर्घटना दावा सहित विभिन्न मामलों का सौहार्दपूर्ण समाधान किया गया। इस दौरान न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं एवं संबंधित अधिकारियों ने मामलों के निष्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

लोक अदालत के सफल संचालन के लिए पांच न्यायिक बेंचों का गठन किया गया। बेंच संख्या-1 में प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय राजीव आनंद एवं पैनल अधिवक्ता शिवनाथ ठाकुर ने पारिवारिक विवादों का निपटारा किया। बेंच संख्या-2 में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम विशाल श्रीवास्तव तथा पैनल अधिवक्ता कौशल कुमार सिन्हा ने विद्युत अधिनियम, क्लेम केस, दीवानी एवं अन्य विवादों की सुनवाई कर मामलों का निष्पादन किया।

बेंच संख्या-3 में अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद कच्छप एवं पैनल अधिवक्ता मनीष कुमार ने आपराधिक कंपाउंडेबल मामलों, चेक बाउंस एवं अन्य मामलों का निपटारा किया। बेंच संख्या-4 में सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-द्वितीय शिवेंदु द्विवेदी तथा पैनल अधिवक्ता अमरनाथ बंका ने भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामलों का निष्पादन किया। वहीं बेंच संख्या-5 में न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी आयशा सिंह सरदार एवं पैनल अधिवक्ता मोहन महतो ने वन विभाग, प्री-लिटिगेशन, बैंक, बीएसएनएल तथा अन्य मामलों का निपटारा किया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार ने बताया कि लोक अदालत वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) की प्रभावी व्यवस्था है, जिसमें आपसी सहमति के आधार पर विवादों का त्वरित एवं सरल समाधान किया जाता है। इससे न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, समय और धन की बचत होती है तथा पक्षकारों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध भी बने रहते हैं।

उन्होंने आम लोगों से अपने विवादों के त्वरित एवं न्यायपूर्ण समाधान के लिए लोक अदालत का अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।

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