रामगढ़ , जुलाई 18 -- झारखंड के रामगढ़ में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के तत्वावधान में शनिवार को व्यवहार न्यायालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला स्तरीय मल्टी स्टेक होल्डर कंसल्टेशन कार्यक्रम, समाधान समारोह एवं एनआई एक्ट (परक्राम्य लिखत अधिनियम) से संबंधित विशेष लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. तौफीकुल हसन ने की। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य, मध्यस्थ, अधिवक्तागण, पारा लीगल वॉलंटियर्स तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण निस्तारण के लिए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विशेष रूप से एनआई एक्ट से संबंधित मामलों के शीघ्र समाधान के लिए विशेष लोक अदालतों की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए अधिक से अधिक पक्षकारों से इसका लाभ उठाने की अपील की।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार ने प्रतिभागियों को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) द्वारा संचालित विभिन्न विधिक सहायता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डीएलएसए समाज के जरूरतमंद एवं वंचित वर्गों को निःशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्यरत है तथा वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणाली के माध्यम से मामलों का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मल्टी स्टेक होल्डर परामर्श के माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सरल और जनोन्मुखी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही समाधान समारोह के माध्यम से आपसी सहमति एवं संवाद के आधार पर विवादों के निपटारे को बढ़ावा देने तथा विशेष लोक अदालत के सफल संचालन के लिए आवश्यक रणनीतियों और समन्वय पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित अधिवक्ताओं, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्यों, मध्यस्थों एवं पारा लीगल वॉलंटियर्स ने न्याय तक सभी की सहज पहुंच सुनिश्चित करने तथा अधिक से अधिक मामलों के सौहार्दपूर्ण निस्तारण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया।

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