रामगढ़ , मई 12 -- झारखंड के रामगढ़ जिला के पतरातू विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (पीवीयूएनएल) ने सोमवार शाम 7:15 बजे अपनी दूसरी इकाई (यूनिट-2) के ट्रायल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक पूरा कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

इस सफलता के साथ यूनिट-2 के नियमित संचालन तथा वाणिज्यिक परिचालन घोषणा (कॉमर्शियल ऑपरेशन डिक्लेयरेशन-सीओडी) का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

पीवीयूएनएल की दोनों इकाइयों की कुल स्थापित क्षमता 1600 मेगावाट है। इसमें से 85 प्रतिशत यानी 1360 मेगावाट बिजली झारखंड को प्राप्त होगी।

इससे राज्य सहित अन्य लाभार्थी राज्यों में गर्मी के मौसम में बढ़ी बिजली मांग को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। साथ ही राज्य के औद्योगिकीकरण को गति मिलने और विकास के नए अवसर सृजित होने की उम्मीद है।

इस अवसर पर पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ए.के. सहगल, सीजीएम (प्रोजेक्ट) अनुपम मुखर्जी, जीएम (ओ एंड एम) मनीष छेत्रपाल, जीएम (ओ एंड सी) जोगेश चंद्र पात्रा, जीएम (प्रोजेक्ट) बिष्णु दत्ता दास तथा जीएम (मेंटेनेंस एंड एडमिनिस्ट्रेशन) ओ.पी. सोलंकी सहित पीवीयूएनएल, एनटीपीसी और भेल के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए एक-दूसरे को बधाई दी।

सीईओ ए.के. सहगल ने कहा कि यह सफलता पूरी टीम की मेहनत, समर्पण और सामूहिक प्रयास का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 5 नवंबर 2025 को यूनिट-1 की वाणिज्यिक परिचालन घोषणा की गई थी और अब यूनिट-2 भी सीओडी के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने एनटीपीसी, झारखंड सरकार, जेबीवीएनएल तथा अन्य हितधारकों और सहयोगी संस्थाओं के अधिकारियों का निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

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