रामगढ़ , अक्टूबर 09 -- झारखंड के जिला विधिक सेवा प्राधिकार, रामगढ़ की ओर से मांडू प्रखंड के पिंडरा गांव में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार, नई दिल्ली के निर्देश पर चलाए जा रहे 'जस्टिस सर्किट' अभियान के छठे दिन आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों, कर्तव्यों और निःशुल्क कानूनी सहायता की सुविधाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष तौफीकुल हसन तथा प्राधिकार के सचिव अनिल कुमार के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोग जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में एलएडीसीएस असिस्टेंट मोहन महतो ने ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और सरकारी विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और समाज के वंचित वर्गों के अधिकारों पर चर्चा करते हुए बताया कि जरूरतमंद लोगों को न्याय दिलाने के लिए कानूनी सहायता की व्यवस्था उपलब्ध है। साथ ही, कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मंच का सहारा लेने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की गई।

ग्रामीणों को जागरूक करते हुए उन्हें बताया गया कि कानूनी जानकारी के अभाव में किसी को भी अपने अधिकारों से वंचित नहीं रहना चाहिए। विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना और लोगों को कानूनी रूप से जागरूक बनाना है।

इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी साक्षरता बढ़ाने तथा जरूरतमंद लोगों को न्याय पाने में मदद करने का प्रयास किया जा रहा है।

कार्यक्रम में पैरा लीगल वॉलंटियर विनोद कुमार महतो, अजय प्रजापति, मुकेश भाई पटेल, निरंजन कुमार और विमल राम सहित अन्य लोग मौजूद थे।

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