टिहरी , मई, 30 -- उत्तराखंड में पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में रानीचोरी में संचालित एक अनूठी पहल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है।
प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी तथा मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल ने शनिवार को मानवाधिकार संरक्षण एवं ग्रामीण विकास समिति की स्वरोजगार इकाई का भ्रमण कर महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे 'वेस्ट से बेस्ट' उत्पादों का अवलोकन किया।
रानीचोरी स्थित आराधना स्वयं सहायता समूह द्वारा 'प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ' अभियान के तहत अपशिष्ट प्लास्टिक से विभिन्न उपयोगी एवं आकर्षक उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। भ्रमण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने समूह की महिलाओं और विद्यालयों के विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि प्लास्टिक कचरे को एकत्र कर उससे कलात्मक एवं उपयोगी वस्तुओं का निर्माण पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा विकसित इस मॉडल को जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने का प्रयास किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे।
डॉ. जोशी ने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशासन के मार्गदर्शन से नयी पहचान और गति मिल रही है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए ऐसे प्रयासों को समय की आवश्यकता बताया।
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्यालयों को सम्मानित किया गया। राजकीय इंटर कॉलेज नागदेव पथल्ड के प्रधानाचार्य मुकेश उनियाल, राजकीय इंटर कॉलेज रानीचोरी के प्रधानाचार्य दिवाकर अन्थवाल तथा राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मुकेश डोभाल को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं समूह द्वारा निर्मित धूपबत्तियों को बाजार उपलब्ध कराने में सहयोग देने वाले करम सिंह तोपवाल और आराधना स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को भी सम्मानित किया गया।
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