मुसुनुरु आंध्र प्रदेश , अगस्त 24 -- उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने देश के पॉपकॉर्न उद्योग की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में 'कृष्णा459' और 'गोदावरी234' नाम से पॉपकॉर्न किस्म के गैर-जीएमओ हाइब्रिड मक्के की दो किस्मों का कृषि बाजार के लिए शुभारंभ किया और इसे आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

भारत में पॉपकॉर्न की खेती, प्रसंस्कण और वितरण के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी गॉर्मेट पॉपकार्निका के एलुरु जिले के मुसुनुरु स्थित कारखाने में आयोजित पॉपकॉर्न के गैर जीएम बीजों को जारी करने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस.अब्दुल नज़ीर और आंध्र प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री नारा चंद्रबाबू नायडू भी उपस्थित थे। इस अवसर पर आठ राज्यों में पॉपकॉर्न की उत्कृष्ट खेती करने वाले किसानों और साझेदारों के सम्मान किया गया। दुनिया में उच्च स्तर के पॉपकॉर्न की गुणवत्ता का मुकाबला इन बीजों का उद्घाटन भारत के किसानों, अनुसंधान संस्थानों के साथ गॉर्मेट पॉपकार्निका की एक लगभग एक दशक की लम्बी यात्रा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया गया।

श्री राधाकृष्णन ने कहा, " आज हम आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक छोटा लेकिन दृढ़ कदम उठा रहे हैं, -यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक बीज है। इस स्वदेशी हाइब्रिड से खेती किया गया हर एक खेत एक ऐसा खेते है, जिसे अब आयातित विकल्प की आवश्यकता नहीं है। और ऐसा हर एक एकड़ पॉपकॉर्न की खेती में देश की विदेशी मुद्रा की बचत करते हुए उस धन को हमारे अपने किसानों और हमारे अपने देश के आर्थिक विकास की ओर मोड़ता है। "मुख्यमंत्री नायडू ने कहा, " यह हाइब्रिड बिल्कुल उसी प्रकार का कृषि-तकनीकी नवाचार है, जिसकी हमारी 'स्वर्ण आंध्र 2047' की परिकल्पना मांग करती है, ऐसी तकनीक जो किसान को प्रतिस्थापित नहीं करती, बल्कि उसे सशक्त बनाती है। जब हमारे किसान सफल होते हैं, तो आंध्र प्रदेश सफल होता है और जब आंध्र प्रदेश सफल होता है, तो भारत विकसित भारत के लक्ष्य के और करीब पहुंचता है।" गॉर्मेट पॉपकार्निका के प्रबंध निदेशक एस.बी.पी. पट्टाभि राम राव ने कहा, " यह किसी कंपनी की कहानी नहीं है, -यह आठ राज्यों के 17,500 से अधिक किसानों की कहानी है, जिन्होंने विश्वास किया कि बेहतर फसल संभव है। कृष्णा459 और गोदावरी234 हमारे किसानों के उस विश्वास का जवाब हैं और हर उस किसान के प्रति हमारी श्रद्धांजलि हैं, जो हमारी कंपनी के साथ साझेदारी करता है।"श्री राव ने कहा हम उस क्षण के साक्षी बन रहे हैं जिसका भारतीय कृषि लंबे समय से इंतजार कर रही थी, -वह दिन जब भारत की अपनी मिट्टी, भारत के अपने विज्ञान और भारत के अपने किसानों ने हमारे पहले गैर-जीएमओ, उच्च-विस्तार क्षमता वाले पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज को जन्म दिया।" अमेरिकी कंपनी प्रेफर्ड पॉपकॉर्न के सीईओ नॉर्म क्रुग ने कहा, " अब तक भारत मुख्य रूप से दुनिया के अन्य देशों में विकसित उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न आनुवंशिक संसाधनों का उपभोक्ता रहा है। अब यह देश प्रमुख अंतरराष्ट्रीय किस्मों के समान गुणवत्ता मानकों को पूरा करने वाली इन दो नयी किस्मों के साथ उच्च गुणवत्ता वाले पॉपकॉर्न का आयातक होने के बजाय उसका उत्पादक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। "गौरतलब है कि एक दशक से कुछ अधिक समय से गॉर्मेट पॉपकार्निका ने देश में सबसे पहले किसानों को सामान्य कमोडिटी मक्का खेती से हटाकर मूल्यवर्धित, अनुबंध-आधारित पॉपकॉर्न मक्का खेती की ओर प्रोत्साहित किया। इसके माध्यम से किसानों को विशेष फसल के लिए सुनिश्चित खरीद और बेहतर कीमतें उपलब्ध करायी गयीं।

अब कृष्णा459 और गोदावरी234 के साथ किसानों को स्वदेशी आनुवंशिक तकनीक पर स्वामित्व का भी महत्वपूर्ण लाभ मिल रहा है।इससे किसानों को आयातित हाइब्रिड बीजों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। वर्षों से भारत का प्रीमियम पॉपकॉर्न- जो सिनेमाघरों और प्रीमियम रिटेल स्टोर्स में बेचा जाता है,-मुख्य रूप से अमेरिका, अर्जेंटीना, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका आदि देशों से आयातित बीज और अनाज पर निर्भर रहा है। गार्मेट पॉपकार्निका की एक विज्ञप्ति में कहा गया हैकि आठ राज्यों में 17 ,500 से अधिक किसान उसके साथ मिल कर लगभग 40,000 एकड़ भूमि पर पॉपकॉर्न की खेती कर रहे। नये बीजों से देश की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी इससे महत्वपूर्ण लाभ मिलने की संभावना है। भारत का पॉपकॉर्न मक्का बाजार 2014-15 में लगभग 50,000 टन से बढ़कर 2025-26 में करीब 1.3 लाख टन हो गया है। वर्तमान में घरेलू उत्पादन देश की कुल मांग का लगभग 70 प्रतिशत पूरा कर रहा है।

कंपनी ने कहा है कि यह उस बाजार में बड़ा बदलाव है, जो कभी लगभग पूरी तरह आयात पर निर्भर था। स्थानीय उत्पादन की ओर हुए इस बदलाव से अकेले 2025-26 में अनुमानित 810 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित