नयी दिल्ली , अगस्त 27 -- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने गुरुवार को यहां उपराष्ट्रपति भवन में राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी द्वारा लिखित पुस्तक 'संकल्प से सिद्धि का मोदी युग' का विमोचन किया।
उपराष्ट्रपति सचिवालय ने बताया कि श्री राधाकृष्णन ने 'संकल्प से सिद्धि का मोदी युग' शीर्षक को एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश देने वाला बताते हुए कहा कि संकल्प मात्र एक इच्छा नहीं, बल्कि समर्पण, परिश्रम और अनुशासन से समर्थित एक दृढ़ निश्चय है। यह पुस्तक पिछले बारह वर्षों में भारत की यात्रा का वर्णन करती है। इसमें प्रशासनिक उपलब्धियों के साथ-साथ वैचारिक पुनर्जागरण भी शामिल है और यह 2047 में विकसित भारत की परिकल्पना के संदर्भ में प्रस्ततुतिकरण करती है।
श्री राधाकृष्णन ने स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, केशव बलिराम हेडगेवार, वीर सावरकर और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान राष्ट्रीय विचारकों के विचारों और आदर्शों को समकालीन शासन से जोड़ने के पुस्तक के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा ," लेखक ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 'सेतु पुरुष' के रूप में सटीक रूप से वर्णित किया है - सपनों और वास्तविकता के बीच एक सेतु - यह इन विचारकों के संकल्प और समकालीन भारत में उनकी प्राप्ति के बीच सम्बंध को दर्शाता है।"उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्र प्रथम, समग्र मानवतावाद और अंत्योदय की भावना को समाहित करती है। उन्होंने राष्ट्रीय अखंडता, सामाजिक और आर्थिक न्याय, महिला नेतृत्व वाला विकास, आत्मनिर्भर भारत और पारदर्शी शासन के बारे में भी बताया।
केंद्रीय कानून एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद और लेखक श्री तिवाड़ी, राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया और प्रभात प्रकाशन के पवन कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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