कोलकाता , अगस्त 13 -- पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) द्वारा गिरफ्तार किए गए आईएसआई ऑपरेटिव राणा रऊफ़ खालिद (उर्फ़ वहाब आलम) से ज़ब्त डायरी और नोटबुक की जांच के दौरान कम से कम छह और संदिग्ध पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंटों के नाम मिले हैं।
जांचकर्ताओं के अनुसार संदिग्ध एजेंटों में से पांच नेपाल में और एक बंगलादेश में है। नेपाल में मौजूद संदिग्धों की पहचान काशिफ़, हनीफ़ चौधरी, सोहेल, जेडी और हारून सफ़दार के तौर पर हुई है, जबकि बंगलादेश में मौजूद ऑपरेटिव की पहचान पावेल के तौर पर हुई है।
जांचकर्ताओं ने बताया कि हाबरा से गिरफ्तार किए गए खालिद ने सबूत मिटाने की कोशिश में उस मोबाइल फ़ोन को तोड़ दिया था, जिसका इस्तेमाल वह नेपाल में अपने साथियों से बातचीत करने के लिए करता था। हालांकि, वह दो सिम कार्ड नष्ट नहीं कर पाया, जो अब एसटीएफ के कब्ज़े में हैं। खालिद, जिसे सनी और वहाब आलम के नाम से भी जाना जाता है, को हाल ही में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के लिए काम करने के शक में हाबरा से गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसके कथित साथी मोहम्मद एजाज़ को उसकी मदद करने के आरोप में टोपसिया से गिरफ़्तार किया गया।
जांच में अब तक यह पता चला है कि खालिद ने कथित तौर पर कोलकाता और उसके आस-पास के सैन्य ठिकानों, सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ शिविरों , अहम रेलवे स्टेशनों, रेलवे ट्रैक और नक्शों की संवेदनशील तस्वीरें और वीडियो इकट्ठा किए और उन्हें मोबाइल ऐप के ज़रिए नेपाल में मौजूद पांच कथित एजेंटों को भेजा।
पुलिस पूर्वी कोलकाता के दो अन्य निवासियों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिन्होंने कथित तौर पर खालिद की मदद की थी। जांचकर्ताओं को खालिद की काठमांडू में एक गुप्त बैठक के बाद बोंगगांव के रास्ते बंगलादेश जाने की कथित योजना का भी पता चला है।जांच के मुताबिक, पावेल नए मोबाइल फ़ोन के साथ जेसोर में उसका इंतज़ार कर रहा था।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि खालिद की योजना कथित तौर पर नए डिवाइस में अपने पुराने सिम कार्ड डालकर नेपाल और पाकिस्तान में अपने संपर्कों से बातचीत फिर से शुरू करने की थी। हिरासत में लिए जाने के दौरान, खालिद ने शुरू में खुद को टोपसिया का रहने वाला वहाब आलम बताया और आधार एवं वोटर आईडी कार्ड दिखाए। हालांकि, पूछताछ के दौरान उसकी पहचान के दस्तावेजों और एनआरसी के बारे में उसके जवाबों में विसंगतियां पाई गईं। लगातार पूछताछ के बाद, उसने कथित तौर पर माना कि वह पाकिस्तानी नागरिक है।
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