जयपुर , मई 27 -- राजस्थान उच्च न्यायालय ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी घोटाले से जुड़े आरोपी राजीव कुमार राणा को मिली डिफॉल्ट जमानत रद्द कर दी है।

न्यायालय के इस फैसले को जांच एजेंसियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि आर्थिक अपराध गंभीर प्रकृति के होते हैं और इनमें निवेशकों की बड़ी रकम दांव पर लगी होती है। राजीव कुमार राणा पर आरोप है कि उन्होंने आदर्श ग्रुप से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से करोड़ों रुपए के कोष के गबन और निवेशकों को धोखा देने की साजिश में भूमिका निभाई।

जांच एजेंसियों के अनुसार आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी के जरिए देशभर के लाखों निवेशकों से धन जुटाया गया और बाद में उसे विभिन्न शेल कंपनियों में स्थानांतिरत किया गया। मामले की जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय एवं अन्य एजेंसियां कर रही हैं। अदालत ने कहा कि केवल तकनीकी आधार पर मिली डिफॉल्ट जमानत को जारी रखना न्यायहित में उचित नहीं होगा, खासकर तब जब जांच में बड़े आर्थिक अपराध और साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका सामने हो।

आदर्श क्रेडिट घोटाला देश के चर्चित वित्तीय घोटालों में शामिल है, जिसमें लाखों निवेशकों की जमा पूंजी फंस गई थी। मामले में कई कंपनियों और व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है तथा जांच एजेंसियां संपत्तियों की कुर्की और धन वसूली की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही हैं।

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