जोधपुर , जून 23 -- राजस्थान के जोधपुर में प्रसूताओं का स्वास्थ्य बिगड़ने के प्रकरण की मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ निगरानी कर रहे हैं और उनके निर्देश पर चिकित्सा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने जोधपुर पहुंचकर चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार श्रीमती राठौड़ ने मंगलवार को उम्मेद चिकित्सालय का निरीक्षण कर प्रसूति सेवाओं, लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर, पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड सहित विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का सघन अवलोकन किया तथा चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में श्रीमती राठौड़ ने कहा कि वर्ष 1938 से संचालित उम्मेद चिकित्सालय प्रदेश के प्रमुख मातृ स्वास्थ्य संस्थानों में से एक है, जहां प्रतिवर्ष लगभग 25 हजार प्रसव होते हैं। इनमें बड़ी संख्या जटिल एवं सिजेरियन प्रसवों की होती है। उन्होंने कहा कि आमजन के चिकित्सालय के प्रति विश्वास को बनाये रखते हुए प्रत्येक मरीज को बेहतर एवं सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने प्रसूताओं, चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टाफ से भी संवाद कर उपचार व्यवस्थाओं एवं प्रोटोकॉल की पालना की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सालयों में मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल (एसओपी) की शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों के साथ समीक्षा कर औषधियों के सुरक्षित भंडारण, नर्सिंग ड्यूटी, पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल एवं गंभीर मरीजों की नियमित निगरानी सहित सभी प्रक्रियाओं का पुनरावलोकन किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना को न्यूनतम किया जा सके तथा समय रहते आवश्यक चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित हो।
श्रीमती राठौड़ ने बताया कि चिकित्सालय के एनआईसीयू, पीआईसीयू एवं अन्य गंभीर चिकित्सा इकाइयों में आवश्यक सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित हैं। उन्होंने कहा कि कैनुला, ग्लव्स सहित आवश्यक चिकित्सा सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है तथा आवश्यकता के अनुसार इसकी नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रीमती राठौड़ सोमवार देर रात जोधपुर पहुंचीं तथा भर्ती प्रसूताओं को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने सर्वप्रथम अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), जोधपुर पहुंचकर भर्ती दोनों प्रसूताओं के स्वास्थ्य एवं उपचार की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों से उपचार, चिकित्सा प्रबंधन एवं उपलब्ध करायी जा रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिये।
एम्स के निरीक्षण के बाद श्रीमती राठौड़ पावटा जिला अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्होंने भर्ती छह प्रसूताओं से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य एवं उपचार की प्रगति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने मरीजों की फाइलों का अवलोकन कर प्रत्येक मरीज की स्वास्थ्य स्थिति, उपचार, जांच एवं चिकित्सकीय प्रबंधन की विस्तृत जानकारी ली।
उन्होंने उपचाररत चिकित्सकों एवं अधिकारियों को निर्देश दिये कि सभी मरीजों की चौबीसों घंटे समुचित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाये तथा प्रत्येक मरीज की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाये। उन्होंने कहा कि मरीजों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाये।
प्रमुख शासन सचिव ने भर्ती प्रसूताओं के परिजनों से भी मुलाकात कर उनकी कुशलक्षेम जानी तथा उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पूरे प्रकरण की संवेदनशीलता के साथ निगरानी कर रही है तथा मरीजों के उपचार में किसी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।
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