मुंबई , फरवरी 20 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बीच 19 फरवरी को श्री शिंदे के आधिकारिक निवास पर हुई मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है, जिसमें कुछ लोग इसे भविष्य के गठबंधन की संभावना से जोड़ रहे थे। श्री ठाकरे ने ऐसी धारणाओं को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है।

श्री ठाकरे ने एक आंतरिक पार्टी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि हर राजनीतिक मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से देखना जरूरी नहीं है। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजनीति में पहले जो सच्चाई और ईमानदारी थी, वह अब कम हो गई है, और हर मुलाकात को तुरंत गठबंधन की बातों या सौदेबाजी से जोड़ना जरूरी नहीं है।

उन्होंने कहा कि अगले चुनाव अभी तीन साल दूर हैं और फिलहाल किसी गठबंधन की व्यवस्था करने की कोई राजनीतिक मजबूरी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सार्वजनिक हित में कोई प्रस्ताव रखना हो या महत्वपूर्ण नागरिक कार्य सुनिश्चित करने हों, तो नेताओं से मिलना गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे मुख्यमंत्री से भी मिल सकते हैं।

शहरी चिंताओं का उल्लेख करते हुए एमएनएस प्रमुख ने कहा कि मुंबई, पुणे और ठाणे जैसे शहरों की स्थिति तेजी से चिंताजनक हो रही है। उनके अनुसार, विकास को सिर्फ सड़क, फ्लाईओवर और पुल निर्माण तक सीमित कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पुनर्विकास परियोजनाओं के कारण कुछ इलाकों में जनसंख्या घनत्व बहुत बढ़ गया है। पहले जहां 25 से 40 लोग रहते थे, अब वहां लगभग 400 लोग रह रहे हैं, जबकि जमीन का क्षेत्रफल और सड़कें वही हैं। उन्होंने बताया कि वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, पार्किंग की सुविधाएं अपर्याप्त हैं, जिससे गंभीर ट्रैफिक जाम की समस्या हो रही है। उन्होंने व्यापक चिंता जताते हुए पूछा कि शहरी केंद्र किस दिशा में जा रहे हैं।

श्री ठाकरे ने कहा कि उन्होंने पहले इन मुद्दों पर मुख्यमंत्री से चर्चा की थी और अब इन्हें उपमुख्यमंत्री शिंदे के सामने रखा है।

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