मुंबई , जून 20 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राज्य सरकार पर बेरोजगारी, कृषि संकट और किसानों की आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर "बनावटी राजनीतिक विवाद" पैदा करने का आरोप लगाया और राज्य में आर्थिक और राजनीतिक ताकत के कुछ ही हाथों में सिमटने पर चिंता जताई।
मुंबई के रंगशारदा सभागार में पार्टी पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए श्री ठाकरे ने वर्तमान राजनीतिक माहौल की नैतिकता पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जहाँ एक तरफ आम जनता परेशान है, वहीं दूसरी तरफ विधायकों को कथित तौर पर करोड़ों रुपये में "खरीदा और बेचा" जा रहा है।
मनसे प्रमुख ने राज्य के बिजली क्षेत्र को लेकर भी सचेत किया। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड( महावितरण) के शेयर बाजार में उतारने की तैयारी की जा रही है, जो नुकसानदेह साबित हो सकती है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की रिपोर्टों का हवाला देते हुए श्री ठाकरे ने दावा किया कि महाराष्ट्र की बिजली वितरण प्रणाली को 100 में से केवल 1.5 अंक मिले हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, "अगर कंपनी की हालत इतनी खराब है, तो इसमें कौन निवेश करेगा? श्री ठाकरे ने स्पष्ट किया कि वे विकास या निजी निवेश के विरोधी नहीं हैं, लेकिन वे सीमेंट, बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में "एक ही व्यापारिक समूह के बढ़ते एकाधिकार" के खिलाफ हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित