मुंबई , सितंबर 25 -- महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शुक्रवार को चुनाव आयोग की संवैधानिक अखंडता पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग अब सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के लिए सत्ता पर हमेशा बने रहने का माध्यम एवं एक कठपुतली संस्था बनकर रह गया है।
उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और प्रणालीगत चुनावी विसंगतियों को लेकर हालिया विवादों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए चुनाव आयोग पर सुनियोजित प्रशासनिक खामियों को अंजाम देने का आरोप लगाया।
एक तीखा व्यंग्यात्मक उपमा देते हुए उन्होंने कहा, "संत ज्ञानेश्वर ने एक भैंसे से वेद का पाठ करवाया था; आज सत्ता में बैठे शासक इस 'ज्ञानेश'से वे श्लोक पढ़वा रहे हैं जो उनके राजनीतिक एजेंडे के अनुकूल हैं।"चुनाव आयोग में मतभेदों की ओर इशारा करते हुए, श्री ठाकरे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के तुरंत इस्तीफ़े की मांग की और उन पर गहरे पक्षपात एवं राजनीतिक दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया।
मनसे प्रमुख ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को मतदाताओं के समीकरण को प्रभावित करने के लिए बनाया गया एक नया राजनीतिक हथियार बताया और मांग किया कि इस पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जाए, इसकी स्वतंत्र जांच हो और इसे नए सिरे से लागू किया जाए।
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