नयी दिल्ली , नवंबर 01 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को स्थापना दिवस मना रहे पांच राज्यों कर्नाटक, केरलम, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराओं तथा सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र में उनकी प्रगति को याद करते हुए इन राज्यों के लोगों के सुख-समृद्धि की कामना की।
मध्य प्रदेश, कर्नाटक और केरल का गठन आज की ही तिथि को 1956 में किया गया था। हरियाणा की स्थापना 1966 तथा छत्तीसगढ़ का गठन 2001 में हुआ। कर्नाटक में आज का दिन 'कन्नड़ राज्योत्सव' के रूप में और केरलम में 'केरलप्पिरावी' के रूप में मनााया जाता है।
कन्नड़ राज्योत्सव पर कर्नाटक के लोगों को शुभकामनाएँ देते हुए प्रधानमंत्री ने कर्नाटक को समृद्ध परंपराओं, उल्लेखनीय उपलब्धियों और अपार संभावनाओं की भूमि बताया है। श्री मोदी ने कहा है कि कर्नाटक की गौरवशाली विरासत और चिरंतन रीति-रिवाजों ने हमारे देश के सांस्कृतिक ताने-बाने को समृद्ध किया है।
उन्होंने कहा, ' कर्नाटक के लोगों ने अपनी कड़ी मेहनत, उद्यमशीलता और असाधारण कौशल के माध्यम से, विशेष रूप से भविष्योन्मुखी क्षेत्रों में, अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई है। सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और एयरोस्पेस से लेकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उन्नत विनिर्माण (एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग) और स्टार्टअप्स तक, कर्नाटक के लोगों ने बार-बार अपनी दक्षता का परिचय दिया है। वे आज की गंभीर वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने में सबसे आगे हैं।"केरलम की संस्कृत और प्राकृतिक सौंदर्य का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्य के हर व्यक्ति के लिए नए अवसर, अधिक समृद्धि और निरंतर प्रगति की कामना करते हुए कहा है कि इस राज्य की सबसे बड़ी ताकत यहाँ के लोग हैं। उनकी लगन और उत्कृष्टता के प्रति उनके समर्पण ने न केवल भारत में, बल्कि विदेशों में भी लोगों का दिल जीता है। स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, उद्यमिता, विज्ञान और अन्य कई क्षेत्रों में केरल के लोगों की उपलब्धियों ने पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
हरियाणा की धरती के गौरवशाली इतिहास, अद्भुत पराक्रम और समृद्ध संस्कृति को याद करते हुए श्री मोदी ने प्रदेश को देश की शान बताया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश की लोक परंपराओं और जीवंत ग्रामीण संस्कृति ने राष्ट्र की सांस्कृतिक धरोहर को हमेशा समृद्ध किया है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा है, "हरियाणा के लोगों ने अपने परिश्रम और समर्पण से कृषि, खेल और रक्षा सेवाओं से लेकर उद्योग, शिक्षा और स्टार्टअप तक अपनी प्रतिभा और संकल्प का लोहा मनवाया है। यहां के खिलाड़ी तिरंगे का मान बढ़ा रहे हैं, तो अन्नदाता देश की खाद्य सुरक्षा को मजबूती दे रहे हैं।"मध्य प्रदेश को गौरवशाली विरासत, समृद्ध संस्कृति और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य की भूमि बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा है कि यहां के विश्वविख्यात धरोहर स्थल इसकी ऐतिहासिक पहचान को और भव्य बनाते हैं। राज्य के लोगों की मेहनत से यह प्रदेश कृषि, उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर इनोवेशन तक, प्रदेश नित-नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। अपने सर्वांगीण विकास के साथ आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में भी यह अहम भूमिका निभा रहा है।
मध्य प्रदेश के पुनर्गठन से बने छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना पर प्रदेश के लोगों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हुए श्री मोदी ने कहा है कि यह प्रदेश अपनी जनजातीय संस्कृति, प्राकृतिक संपदा और अनूठी लोक परंपराओं के लिए प्रख्यात है। राज्य की पुरातात्विक धरोहरें इसकी विशेष पहचान रही हैं। यहां की लोक-संस्कृति से परिपूर्ण परिवेश में एक अद्भुत अपनापन है, जो हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित