चेन्नई , जून 11 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने गुरुवार को कहा कि एक विकसित भारत का निर्माण तभी हो सकता है जब राज्य सशक्त हों, सहकारी संघवाद हो और सबका विकास हो।
श्री विजय नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई नीति आयोग की बैठक में केंद्र सरकार से तटीय थूथुकुडी ज़िले के कुलसेकरपट्टिनम में इन-स्पेस के साथ बनाए जा रहे दूसरे स्पेसपोर्ट पर मौजूद 'अंतरिक्ष विनिर्माण केंद्र' को 'राष्ट्रीय अंतरिक्ष विनिर्माण केंद्र' घोषित करने का आग्रह किया। इससे प्रोपेलेंट से लेकर लॉन्च व्हीकल तक की पूरी विनिर्माण हो सकेगा और देश को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का फ़ायदा उठाने में मदद मिलेगी।
नीट से छूट की अपनी मांग को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए, तमिलनाडु अंडरग्रेजुएट मेडिकल और डेंटल कोर्स में दाखिला के लिए 'नीट का विरोध करता है, क्योंकि इसके लागू होने से ग्रामीण और सामाजिक-आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के छात्रों पर बुरा असर पड़ा है। उन्होंने केंद्र से आग्रह किया कि तमिलनाडु को इसके दायरे से बाहर रखा जाए और राज्य को एमबीबीएस, बीडीएस और आयुष विषय में राज्य के लिए आरक्षण के तहत सभी सीटें सिर्फ़ 12वीं कक्षा के मार्क्स के आधार पर भरने की इजाज़त दी जाए।
इस दौरान मछुआरों के मुद्दे पर बात करते हुए श्री विजय ने कहा कि तमिलनाडु के तटीय मछली पकड़ने वाले समुदायों की आजीविका और सुरक्षा समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह पाक खाड़ी में भारतीय मछुआरों के पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों की रक्षा करे और उनकी सुरक्षा तथा उनकी मछली पकड़ने वाली नावों की रिहाई सुनिश्चित करे, जो अभी श्रीलंका की हिरासत में हैं। साथ ही, उन्होंने श्रीलंका और पाकिस्तान में पकड़े गए और जेल में बंद तमिलनाडु के मछुआरों की रिहाई के लिए तत्काल राजनयिक कदम उठाने और उनके परिवारों तक उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों ने वित्तीय जिम्मेदारी, सामाजिक प्रगति और जनसंख्या स्थिरीकरण का प्रदर्शन किया है, उन्हें मान्यता दी जानी चाहिए और पर्याप्त समर्थन मिलना चाहिए, और उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह राज्य सरकार की ग्रामीण आवास योजनाओं के लिए भी वीबी -जी राम जी के तहत रोजगार सृजन की अनुमति दे। साथ ही, उन्होंने छात्रों के कल्याण, शैक्षिक सेवाओं की निरंतरता और सहकारी संघवाद को बनाए रखने के व्यापक हित में एसएसए के तहत 3,284 करोड़ रुपये की लंबित धनराशि को बिना किसी शर्त के और यी शिक्षा नीति के कार्यान्वयन या तीन-भाषा नीति पर जोर दिए बिना जल्द जारी करने का भी आग्रह किया। तृतीयक स्वास्थ्य सेवा को और मजबूत करने, विश्व स्तरीय चिकित्सा शिक्षा प्रदान करने और लोगों तक गुणवत्तापूर्ण देखभाल पहुँचाने के लिए, उन्होंने अनुरोध किया कि कोयंबटूर में तमिलनाडु के लिए एम्स को मंजूरी दी जाए, जिसके लिए राज्य सरकार आवश्यक भूमि उपलब्ध कराएगी।
डिजिटल कनेक्टिविटी पर उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में भारतनेट फेज -II परियोजना लगभग 97 प्रतिशत पूरी हो चुकी है, और उन्होंने केंद्र से 'लास्ट-माइल' (अंतिम चरण) की शेष चुनौतियों को हल करने और नेटवर्क संचालन को बनाए रखने में समर्थन मांगा ताकि हर ग्राम पंचायत जुड़ सके। तमिलनाडु के तेजी से आर्थिक विकास के लिए छह प्रमुख सड़क और रेल बुनियादी ढांचा परियोजनाओं (जिसमें चेन्नई से कन्याकुमारी तक हाई-स्पीड रेल गलियारे के लिए मंजूरी भी शामिल है) के लिए मंजूरी देने की अपील करते हुए उन्होंने केंद्र से होगेनक्कल चरण-III संयुक्त जल आपूर्ति योजना के लिए 2,283.40 करोड़ रुपये की प्रतिबद्ध केंद्रीय सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने तमिल दोहे 'तिरुक्कुरल' (जो आधुनिक भारत के धर्मनिरपेक्ष मूल्यों के लिए विशिष्ट रूप से प्रासंगिक एक प्राचीन ग्रंथ है) को राष्ट्रीय साहित्य घोषित करने का भी आग्रह किया।
श्री विजय ने कहा कि तमिलनाडु का 1,076 किलोमीटर लंबा समुद्री तट बार-बार चक्रवात और बाढ़ से प्रभावित होता रहा है। उन्होंने तटीय शहरों में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी बुनियादी ढांचा बनाने और 'जलवायु-अनुकूल मास्टर प्लान 2045' के तहत जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे के साथ-साथ 'ज़ीरो कैज़ुअल्टी' (किसी की जान न जाए) के लक्ष्य वाले एक व्यापक आपदा प्रबंधन मिशन के लिए ज़्यादा मदद की मांग की। समावेशी विकास और गरीबी कम करने के मुद्दे पर, मुख्यमंत्री का दृढ़ विश्वास था कि आर्थिक विकास का फ़ायदा हर नागरिक के जीवन की बेहतर गुणवत्ता के रूप में मिलना चाहिए।
श्री विजय ने कहा, "इसके लिए हमारी सरकार एक व्यापक 'गरीबी-मुक्त तमिलनाडु मिशन' का प्रस्ताव करती है, ताकि कमज़ोर परिवारों की पहचान की जा सके और टिकाऊ आजीविका के अवसरों के लिए सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुँचाया जा सके।" उन्होंने सभी के लिए किफायती घर के सपने को पूरा करने के लिए केंद्र से वित्तीय सहायता का भी आग्रह किया। भारत के युवाओं को सशक्त बनाने के बारे में विजय ने कहा कि वे एक 'युवा कौशल और रोज़गार मिशन' की कल्पना करते हैं, जिसके तहत हर साल पाँच लाख युवाओं को स्टाइपेंड वाली इंटर्नशिप और इंडस्ट्री से जुड़ी ट्रेनिंग मिलेगी।
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