जयपुर , जून 18 -- राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने कहा है कि पांचना बांध विवाद के समाधान के लिए राज्य सरकार को तत्काल पहल करते हुए सभी पक्षों से संवाद स्थापित करना चाहिए तथा उच्च न्यायालय के आदेश की पालना भी सुनिश्चित करनी चाहिए।
श्री पायलट ने गुरुवार को यहां मीडिया से बातचीत में कहा कि पानी सभी की आवश्यकता है और किसी भी परिस्थिति में तनाव तथा भाईचारे में खटास की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से पांचना बांध को लेकर आंदोलन चल रहा है और इस विषय से जुड़े विभिन्न पक्षों की अपनी-अपनी चिंताएं और मांगें हैं। नदी किनारे स्थित 360 गांवों के किसानों का भी अपना पक्ष है। सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह सभी पक्षों को विश्वास में लेकर बातचीत करे और न्यायपालिका के निर्णयों का सम्मान करते हुए समाधान का रास्ता निकाले।
श्री पायलट ने कहा कि कोटा में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हजारों विद्यार्थियों के बीच जो बातें रखीं, उससे उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े गंभीर सवालों को देश के सामने रखा है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं, कोचिंग व्यवस्था और निजी संस्थानों का सबसे अधिक बोझ मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों पर पड़ रहा है। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद अधिकांश विद्यार्थियों को सफलता नहीं मिल पाती और उसके बाद उनके सामने रोजगार तथा भविष्य की अनिश्चितता खड़ी हो जाती है। उन्होंने कहा कि जब विद्यार्थी, वर्षों तक कठिन परिश्रम और तपस्या करने के बाद परीक्षा देते हैं और फिर पेपर लीक, परीक्षा रद्द होने, मूल्यांकन में गड़बड़ी तथा अन्य अनियमितताओं का सामना करते हैं, तो उनके मन में निराशा और अविश्वास पैदा होता है। कई मामलों में युवा मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है।
श्री पायलट ने कहा कि पिछले वर्षों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। परीक्षा होने के बाद प्रश्नों को हटाने, मूल्यांकन में पारदर्शिता की कमी और नई-नई प्रक्रियाओं से विद्यार्थियों में भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि जिस परीक्षा प्रणाली से वे गुजर रहे हैं, वह निष्पक्ष, पारदर्शी और जवाबदेह है तथा यदि कोई अनियमितता होती है तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
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