नयी दिल्ली , फरवरी 5 -- राज्य सभा में गुरुवार शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के प्रारंभ में कांग्रेस पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी की और हंगामा किया तथा सदन से बहिर्गमन कर गये।

श्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर सदन में धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा पर हंगामे के बीच अपना जवाब जारी रखा। राष्ट्रपति मुर्मु ने बजट सत्र के प्रारंभ में 28 जनवरी को संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया था।

विपक्षी सदस्य लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने का मौका न दिए जाने की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे। कांग्रेस की ओर से इससे पहले दिन में लोक सभा में राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में श्री गांधी को कथित तौर पर बोलने का मौका नहीं मिलने का मुद्दा बनाने का प्रयास किया। सभापति ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें इसकी अनुमति नहीं थी। पीठ की ओर से व्यवस्था दी गयी कि दूसरे सदन की घटनाओं पर यहां चर्चा नहीं हो सकती।

श्री मोदी ने कांग्रेस के नेतृत्व में नारेबाजी कर रहे विपक्षी सदस्यों की ओर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की उम्र और आराम को ध्यान में रख कर सीट पर बैठने और बैठ कर ही नारेबाजी करने की सलाह दी। श्री मोदी ने कहा, 'सभापति जी, खरगे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठ कर नारे लगाने की छूट दी जाए। उनके पीछे नारा लगाने के लिए नौजवानों की फौज तो है ही।"प्रधानमंत्री के भाषण के करीब पांच मिनट तक नारेबाजी और हंगामा करने के बाद कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गये।

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