नयी दिल्ली , जुलाई 29 -- राज्य सभा में विपक्ष ने पेपर लीक को लेकर दिल्ली में प्रदर्शनकर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई का मुद्दा बुधवार को प्रश्नकाल में फिर उठाने का प्रयास किया और इस पर हंगामे के कारण कार्यवाही दुबारा दिन में दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
इससे पहले शून्य काल में भी इसी से संबंधित एक मुद्दा उठाये जाने पर सदन में हंगामा हुआ तथा कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी थी।
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने दूसरी बार कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस की रेणुका चौधरी को कुपोषण के मुद्दे पर उनके नाम से अंकित प्रश्न उठाने के लिए पुकारा। श्रीमती रेणुका ने उठते ही आंदोलनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दा उठाने का प्रयास किया जिसको लेकर सत्ता पक्ष की ओर से विरोध के स्वर उठने लगे।
सभापति ने कांग्रेस सदस्या को एजेंडा के अनुसार अपना प्रश्न पूछने का आग्रह किया लेकिन उन्होंने उस पर ध्यान न देते हुए प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में केंद्रीय गृहमंत्री के बयान पर जोर दिया। इस दौरान सदन में शोर-शराबा इतना तेज हो गया था कि कुछ सुनायी नहीं दे रहा था।
सभापति श्री राधाकृष्णन ने हंगामा बढ़ता देख कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। मानसून सत्र में यह आठवां दिन है जबकि विपक्ष के असहयोग के कारण सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी है।
इससे पहले सुबह कार्यवाही शुरू होते ही वाम दलों तथा अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने स्टूडेन्ट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की संयुक्त सचिव आइसी घोष की दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की कोशिश का मामला उठाने का प्रयास किया। इसके चलते हुए हंगामे के कारण शून्यकाल की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। यह लगातार आठवां दिन है जब कि सदन में शून्यकाल की कार्यवाही नहीं हो सकी ।
सभापति राधाकृष्णन ने हंगामे के बीच शून्यकाल चलाना चाहा लेकिन विपक्ष के बढ़ते हंगामे के कारण उन्हें कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। विधायी दस्तावेज सदन के पटल पर रखे जाने के बाद उन्होंने जैसे ही शून्यकाल शुरू करना चाहा विपक्ष के कुछ सदस्यों ने एसएफआई की गिरफ्तारी की कोशिश का मामला उठाना शुरू कर दिया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के जाॅन ब्रिटास ने कहा कि मंगलवार को संसदीय लोकतंत्र में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई। दिल्ली पुलिस की टीम ने राष्ट्रीय पार्टी माकपा के मुख्यालय में घुसकर एसएफआई नेता आइसी को गिरफ्तार करने की कोशिश की।
श्री ब्रिटास ने कहा कि वह मौके पर मौजूद थे और दिल्ली पुलिस ने वहां कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर बताया कि आइसी घोष छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने जंतर मंतर पर गयी थी, पुलिस ने यह भी बताया कि यह गिरफ्तारी 2021 के जेएनयू परिसर के एक मामले में की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपत्ति की बात यह भी है कि दिल्ली पुलिस के लोग बिना वर्दी के मुख्यालय में आये थे उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा डर का माहौल बनाया जा रहा है ।
उन्होंने मांग की कि गृह मंत्री बतायें कि यह क्या मामला है। नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि अभी जो मुद्दा उठाया गया है यह शर्मनाक घटना है। इसमें राष्ट्रीय पार्टी के कार्यालय में घुस कर गिरफ्तार करने की कोशिश की गयी है यह उचित नहीं है और इस मामले में दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।
नेता सदन जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि वह भी छात्र नेता रहे हैं और उन्हें भी आपातकाल में कॉलेज से गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा कि यदि छात्र राजनीतिक कार्यकर्ता हैं तो उन्हें इसके लिए तैयार रहना चाहिए। यह सामान्य प्रक्रिया है। पुलिस ने कानून व्यवस्था की प्रक्रिया के तहत अपना काम करने की कोशिश की है ।
इस बीच विपक्ष के सदस्यों ने अपनी जगह से उठकर नारेबाजी शुरू कर दी और वे इस मामले में गृह मंत्री से जवाब की मांग करने लगे। सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका जोर-जोर से विरोध करना शुरू कर दिया।
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