पटना , जुलाई 28 -- राज्य में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति से निपटने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है।राज्य में मानसून की दस्तक के साथ ही उत्तर बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। इसके मद्देनजर इस स्थिति से निपटने और यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए पथ निर्माण विभाग के स्तर पर सभी पुल-पुलियों की सेफ्टी ऑडिट शुरू कर दी गई है, जिससे तेज बारिश में इनकी मजबूती परखी जा सके। भारी बारिश या बाढ़ आने पर भी राज्य की प्रमुख सड़कों और पुल-पुलियों पर आवागमन बाधित नहीं हो, इसका खासतौर से ध्यान रखा जा रहा है।

पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने बताया कि कटाव या पुल क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल अस्थायी पुल बनाने के लिए बेली ब्रिज का व्यापक भण्डारण किया गया है। साथ ही मुख्यालय स्तर पर 22 जून से 22 सितंबर तक 24 घंटे सक्रिय रहने वाला विशेष कंट्रोल रूम चालू किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी प्रमंडलों से रोजाना मुख्यालय के स्तर पर रिपोर्ट ली जा रही है। पथ प्रमंडलों की ओर से 27 हजार 666 कलवर्ट का भौतिक सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने तीन हजार पुलों की सुरक्षा जांच भी कर ली है। वहीं, आईआईटी पटना से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। 479 बड़े पुलों का सेफ्टी ऑडिट प्रतिष्ठित तीन संस्थानों से कराया गया है। 42 संवेदनशील पुलों पर भारी वाहनों का प्रवेश रोकने के लिए हाइट बैरियर और डायवर्जन लगाए गए हैं।

सचिव के अनुसार, बाढ़ के दौरान कोई भी सड़क यदि क्षतिग्रस्त होती है या पुल बहता है, तो उसे कुछ ही घंटों में बहाल करने के लिए विभाग ने मजबूत तंत्र तैयार किया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए गिट्टी, मिट्टी एवं अन्य निर्माण सामग्रियों का पर्याप्त स्टॉक कर लिया गया है। साथ ही आउटपुट और परफॉर्मेंस पर आधारित सड़क संपत्ति रखरखाव अनुबंध (ओपीआरएमसी) से आच्छादित पथों पर संबंधित संवेदकों और अन्य सड़कों के लिए अंचल स्तर पर सूचीबद्ध संवेदकों को तुरंत राहत कार्य में लगाने की व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा पथ निर्माण विभाग ने सभी क्षेत्रीय अभियंताओं का अवकाश तत्काल प्रभाव से 30 सितंबर तक के लिए रद्द कर दिया है। इसे लेकर विभाग के अवर सचिव सौरभ राय ने सभी मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंताओं को पत्र जारी कर दिया है।

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