पटना , जून 16 -- बिहार के डेयरी मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मंत्री नंदकिशोर राम ने मंगलवार को कहा कि राज्य में मात्स्यिकी, मत्स्य और जल कृषि के विकास की असीम संभावनाएं हैं। मंत्री श्री राम ने आज मीठापुर स्थित नवनिर्मित मत्स्य विकास भवन में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए आयोजित कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा किडेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग गांवों का विभाग है। विभाग गांवों में पहुंचेगा और बिहार के पलायन को रोकने में कामयाब होगा। इससे बेरोजगारी कम होगी।
मंत्री श्री राम ने कहा कि समग्र मात्स्यिकी विकास के लिए हुए इस आयोजन से राज्य के मत्स्य पालकों, किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने में सहयोग मिलेगा।
मंत्री ने कहा कि बिहार में मछली उत्पादन में लगातार रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि दर्ज की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहां राज्य का कुल मछली उत्पादन 9.69 लाख मीट्रिक टन था, वहीं यह वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 10.28 लाख मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से 7,990 हेक्टेयर में नए जल क्षेत्र का सृजन, 2,721 हेक्टेयर चौर भूमि में आधुनिक तालाबों का निर्माण और 5,264 ट्यूबवेल का अधिष्ठापन किया गया है। साथ ही, 233 मत्स्य बीज हैचरी अधिष्ठापित की गई है। इन कार्यशील हैचरियों से राज्य की लगभग 70 प्रतिशत मत्स्य बीज की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा रही है। जिसका परिणाम है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2,753.45 मिलियन मत्स्य बीज का वार्षिक उत्पादन हुआ है। वहीं राज्य में स्थापित 89 फिश फीड मिलों से 50 हजार टन मछली आहार का उत्पादन राज्य के अंदर ही होने लगा है।
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