पटना , जून 19 -- राज्य सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए संपत्ति निबंधन में अतिरिक्त रियायत देने का ऐलान किया है। अब यदि कोई भूमि या संपत्ति विक्रय पत्र या दान पत्र के माध्यम से महिला के नाम पर निबंधित की जाती है, तो उन्हें 0.4 प्रतिशत की जगह पर अब कुल 0.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, पूर्व में निर्धारित स्टांप शुल्क में 0.3 प्रतिशत एवं निबंधन शुल्क में 0.1 प्रतिशत की छूट थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। साथ ही सरकार ने लंबे समय से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिएलंबित प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य की मार्गदर्शक पंजी (एमवीआर) का भी बड़ा पुनर्निर्धारण किया है। इससे किसानों को भूमि अधिग्रहण पर बढ़ा हुआ मुआवजा मिलेगा।
सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्तमान एमवीआर को 1.6 गुना और शहरी व पेरिफेरल क्षेत्रों के लिए दो गुना बढ़ा दिया है। यह बढ़ोतरी तत्काल प्रभाव से लागू होगी। अब प्रत्येक वित्तीय वर्ष में स्वत पांच प्रतिशत की वृद्धि का भी प्रावधान किया गया है। साथ ही हर तीन वर्ष में व्यापक पुनरीक्षण होगा, जिसमें नई सड़कें, औद्योगिक क्षेत्र, शहरी विस्तार, हवाई अड्डा, रेलवे, सिंचाई परियोजनाओं जैसी विकास गतिविधियों को ध्यान में रखा जाएगा।
एमवीआर के इस पुनर्निर्धारण से राज्य सरकार की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण पर किसानों को 3,740 करोड़ रुपये अतिरिक्त मुआवजा मिलेगा। वर्तमान एमवीआर के आधार पर कुल मुआवजा 14,897 करोड़ रुपये अनुमानित था, जो अब बढ़कर 18,637 करोड़ रुपये हो गया है।
केंद्र सरकार की परियोजनाओं में किसानों को 14,831 करोड़ रुपये का अतिरिक्त मुआवजा मिलने जा रहा है। वर्तमान दर पर 24,629 करोड़ रुपये देय थे, जो नई दरों पर बढ़कर 39,460 करोड़ रुपये हो गए हैं।
भूमि की श्रेणियों को भी सरल किया गया है। अब ग्रामीण और पेरिफेरल क्षेत्रों में कुल 7 श्रेणियां तथा शहरी एवं मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों में 6 श्रेणियां निर्धारित की गई हैं।
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