देहरादून , मार्च 10 -- उत्तराखंड के आयुक्त खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले की ओर से मंगलवार को जानकारी दी गई कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों तथा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष को देखते हुए राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इस संबंध में खाद्य विभाग और ऑयल कंपनियों के साथ राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है।

उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया कि वर्तमान में प्रदेश में घरेलू गैस की किसी प्रकार की कमी नहीं है, इसलिए उपभोक्ताओं को घरेलू गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

आयुक्त ने बताया कि भारत सरकार द्वारा मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत "प्राकृतिक गैस आपूर्ति विनियमन आदेश, 2026" प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत गैस आपूर्ति व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि एलपीजी, पीएनजी तथा सीएनजी की आपूर्ति में किसी प्रकार की कमी नहीं की गई है। इसके साथ ही अस्पतालों और शैक्षिक संस्थानों में उपयोग होने वाली कमर्शियल गैस की आपूर्ति भी पूर्ववत जारी है तथा इसमें कोई कटौती नहीं की गई है।

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