पटना , जून 12 -- ाज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों पर छात्रों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है। इस वर्ष बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए जेईई मेन्स 2026 में सम्मिलित 13,878 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। वहीं पिछले वर्ष यह संख्या 10,721 थी। इसके अतिरिक्त, बीसीईसीई के पीसीएम समूह के भी छात्र छात्राओं ने भी आवेदन किया है। ये आंकड़े बता रहे हैं कि राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज तेजी से छात्रों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं।

बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीई/बीटेक पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में नामांकन के लिए नामांकन प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (बीसीईसीईबी) ने स्नातक स्तरीय इंजीनियरिंग नामांकन काउंसलिंग (यूजी ईएसी) 2026 के लिए 13 मई से 5 जून तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे। इसमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) (मेन) 2026 (पेपर-I) में वैध स्कोर प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए थे। मेधा सूची का प्रकाशन 8 जून को हो चुका है। वहीं अगले सप्ताह से ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू हो जाएगी। इसकी विस्तृत जानकारी बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

माना जा रहा है कि बिहार के मेधावी विद्यार्थियों के लिए अपने ही राज्य में किफायती लागत पर प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग कॉलेजों में तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का यह बेहतर अवसर है।

विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्रीमती शीला कुमारी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए अभ्यर्थियों की बढ़ती संख्या विद्यार्थियों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामांकन लें और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त करें। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज विद्यार्थियों को उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण, आधुनिक सुविधाएं तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास के अवसर उपलब्ध करा रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि विभाग का सतत प्रयास है कि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ रोजगार एवं प्लेसमेंट के अधिकाधिक अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं, जिससे वे अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।

बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी 38 जिलों में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित हैं। जहां इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए 15,183 सीटें उपलब्ध है। राज्य के सभी सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना, कुशल शिक्षक और नवीनतम तकनीक से लैस हैं। यहां बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही उच्च स्तरीय प्रयोगशाला, कार्यशाला, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास एवं खेल-कूद का मैदान भी हैं। शिक्षक आवास के साथ-साथ बालक-बालिका छात्रावास की भी समुचित व्यवस्था है। नामात्र के शुल्क पर छात्र यहां इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकते हैं। वहीं 33 प्रतिशत सीट महिला अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित हैं।

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